पटियाला हेरिटेज फेस्टिवल-2026 : नाटक 1675 का सफल मंचन दर्शकों को भावुक करते हुए गुरु साहिबान द्वारा दिखाए मार्ग पर चलने का अवाहन कर गया
श्री गुरु तेग बहादर जी के 350 साला शहीदी दिवस को समर्पित नाटक की प्रस्तुति सराहनीय -हरचंद सिंह बरसट
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पटियाला 16-Feb-2026
जिला प्रशासन द्वारा सैर-सपाटा एवं सांस्कृतिक मामलों विभाग के सहयोग से करवाए जा रहे पटियाला हेरिटेज फेस्टिवल-2026 की पांचवीं शाम यहां हरपाल टिवाना कला केंद्र में श्रोमणि नाटककार केवल धालीवाल की निर्देशना अधीन डॉ. अमरजीत ग्रेवाल के लिखे नाटक 1675 की प्रस्तुति ने दर्शकों को इतिहास से भविष्य तक के संवाद से बाखूबी जोड़ने का काम किया।
इस मौके मुख्य मेहमान के तौर पर शामिल हुए पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट ने कहा कि पटियाला हेरिटेज फेस्टिवल दौरान श्री गुरु तेग बहादर जी के 350 साला शहीदी दिवस को समर्पित ऐसे नाटक करवा के लोगों को इतिहास एवं हमारी अनमोल विरासत से जोड़ना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई अधीन ऐसे विरासती मेले करवाने पंजाब को रंगला पंजाब बनाने की तरफ़ वढ़ने के लिए सहायी होंगे।
उन्हों ने कहा कि 1675 का साल एक तारीख ही नहीं सी बल्कि मानवीय चेतना के विकास का एक कोस्मिक धमाका था, क्योंकि इस वर्ष गुरु तेग बहादर जी ने मानवता के लिए अपना सिर कुर्बान कर के सरबत के भले की परंपरा को और तेजी से आगे बढ़ाया था। ए डी सी (जी) सिमरप्रीत कौर ने कहा कि डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालीआ की अध्यक्षता में हुई इस पेशकारी में मंच-रंगमंच के कलाकारां के दुआरा इस विशिष्ट नाटक की प्रस्तुति ने दर्शकों को इतिहास से भविष्य तक के संवाद के साथ जोड़ा है।
एडीसी ने नोडल अफसर नमन मारकंन और उनकी टीम की तरफ़ से उत्तरी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र के सहायक डायरेक्टर रविंदर शर्मा के विशेष सहयोग के साथ करवाई इस दिलकश प्रस्तुति के लिए डायरेक्टर केवल धालीवाल और कलाकारों को धन्वाद किया। उन्होंने पटियालवीयों को आमंत्रण दिया कि सभी पटियाला हेरिटेज के बाकी कार्यक्रम में शामिल होकर इसका लाभ लें। इस समय डायरेक्टर केवल धालीवाल, पद्मश्री प्राण सभरवाल और मेहमानों को समानिन्त किया गया।
मंच-रंगमंच, अमृतसर की टीम से पेश किए नाटक '1675' ने इतिहास से भविष्य तक दे संवाद को बाखूबी पेश करता हुआ 1675 के चांदनी चौक के तसहीयों के इतिहास से 2026 तक के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रयोगशाला से जुड़े संसार को दिखाया। इस नाटक का सफल मंचन दर्शकों को भावुक कर गया।
इस नाटक में रोशनी का प्रभाव हरमीत सिंह भुल्लर ने दिया, गायक कुशागर कालिया, म्यूजिक हरिंदर सोहल, स्क्रीन शिवम, फ़ोटोग्राफ़ी स्वर्णजीत सवी और प्रोडक्शन इंचार्ज इमैनुअल सिंह, कलाकारों में सजन कोहिनूर, विशू शर्मा, हरप्रीत सिंह, हर्षिता, गुरलीन, डॉ. आत्मा सिंह गिल, युवनीश शर्मा, रॉबनजीत सिंह, विकास जोशी, आकाशदीप सिंह, कबीर, इंदरजीत, सुखमन सिंह, नितिन कपूर, निशान सिंह और जस्वंत सिंह शामिल थे।
एक तरफ़ आरा, कड़ाहा, लोगड़ और दूसरे तरफ़ सर्वर, कोड, अल्गोरिदम, दोनों अलग दिखते हैं लेकिन दोनों ही एक सवाल पूछते हैं कि कि मानवता डर का राह चुनें या प्रेम का ? नाटक में गुरु तेग बहादर जी की बलिदानी आवाज सीमा और एडन के डिजिटल-जीवन में गूंजती है। भाई मतीदास के हौसले की चमक क्वांटम कोड में रोशनी बनके जगती है, इस तरह 1675 एक नाटक नहीं बल्कि एक ब्रह्मांडीय दर्पण जाप रहा है और गुरु साहिब के दिखाए प्रेम के राह पर चलने का होका देने में सफल होता है।
नोडल अफसर एसडीएम नमन मारकंन ने धन्वाद किया। दर्शकों ने इस नाटक की भरपूर प्रशंसा की और जिला प्रशासन की तरफ़ से करवाए जा रहे कार्यक्रमां की शलाघा करते हुए पटियाला हेरिटेज के सफल समागमां के लिए मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार का आभार व्यक्त किया।