डॉ. वीरेंद्र कुमार ने चंडीगढ़ में 29वें दिव्य कला मेले का उद्घाटन किया
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चंडीगढ़ 14-Feb-2026
आज डॉ. वीरेंद्र कुमार, माननीय केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने सेक्टर-34 ग्राउंड, चंडीगढ़ में 29वें दिव्य कला मेले का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने मेले को एक परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि यह देशभर के दिव्यांगजनों के लिए आशा का प्रकाशस्तंभ बन चुका है तथा समावेशी विकास और समान अवसर के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंत्री ने वर्ष 2014 से Narendra Modi के नेतृत्व में दृष्टिकोण में आए महत्वपूर्ण बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि “दिव्यांग” जैसे सम्मानजनक शब्द का प्रयोग गरिमा और सशक्तिकरण की व्यापक सोच का प्रतीक है। उन्होंने Rights of Persons with Disabilities Act तथा Sugamya Bharat Abhiyan जैसी प्रमुख पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे सुगमता, सहभागिता और आर्थिक समावेशन को मजबूती मिली है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि वास्तविक सम्मान तभी सार्थक है जब वह आजीविका के अवसरों और आत्मनिर्भरता में परिवर्तित हो, जिसे दिव्य कला मेला दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों को सीधे बाजार से जोड़कर साकार कर रहा है।श्री सतनाम सिंह संधू, माननीय सांसद (राज्यसभा) ने कहा कि दिव्यांगजनों को सम्मान देना भारत की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है, परंतु आजीविका के माध्यम से सशक्तिकरण भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने मंत्रालय द्वारा आयोजित दिव्य कला मेले की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच दिव्यांग युवाओं को अपने उत्पादों को अपने ही क्षेत्र में प्रदर्शित एवं विक्रय करने का अवसर प्रदान करता है।श्री सौरभ जोशी, महापौर, चंडीगढ़ ने इस आयोजन को प्रतिभा, आत्मविश्वास और मानवीय क्षमता का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि दिव्य कला मेला, “दिव्य कला शक्ति” और रोजगार मेले की मेजबानी चंडीगढ़ की समावेशिता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा यह संदेश देती है कि दिव्यांगता कोई सीमा नहीं, बल्कि विशिष्ट क्षमता है।
श्री राजीव शर्मा, संयुक्त सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) ने इस पहल के आर्थिक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों में 28 शहरों में आयोजित दिव्य कला मेलों के माध्यम से ₹2366.43 लाख के व्यापारिक लेनदेन हुए हैं। लगभग 2,362 दिव्यांग उद्यमियों ने भाग लेकर ₹23 करोड़ से अधिक की आय अर्जित की है। उद्यमिता को सुदृढ़ करने हेतु ₹20 करोड़ से अधिक के ऋण भी स्वीकृत किए गए हैं।
समानांतर आयोजित रोजगार मेलों में 3,131 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 1,007 का चयन किया गया तथा 313 से अधिक को नियुक्ति पत्र प्राप्त हुए।चंडीगढ़ में आयोजित इस मेले में लगभग 75 स्टॉल दिव्यांग उद्यमियों, सरकारी संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा लगाए गए हैं। दिव्यांगजनों के लिए विशेष रोजगार मेला 19 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। आगंतुक एएलआईएमसीओ (ALIMCO) स्टॉल पर सहायक उपकरणों के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
बोच्चिया एवं ब्लाइंड क्रिकेट जैसे समावेशी खेलों तथा प्रतिदिन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों से आयोजन में विशेष उत्साह का वातावरण है। 21 फरवरी 2026 को “दिव्य कला शक्ति” नामक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा।29वां दिव्य कला मेला केवल एक बाजार नहीं, बल्कि एक सशक्त आंदोलन है, जो यह संदेश देता है कि दिव्यांगजनों का आर्थिक सशक्तिकरण परिवार, समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाता है तथा गरिमा और आत्मनिर्भरता पर आधारित समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।