जींद से विकसित भारत का स्पष्ट संदेश: शिक्षा, तकनीक, मेरिट और वैश्विक नेतृत्व ही नए भारत की असली ताकत — कार्तिकेय शर्मा
5 Dariya News
जींद 08-Feb-2026
राज्यसभा सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा ने जींद स्थित ज्ञान गंगा ग्लोबल अकैडमी के भव्य वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। अकैडमी परिसर में पहुंचने पर उनका पुष्प मालाओं से गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्री कार्तिकेय शर्मा ने वरिष्ठजनों का आशीर्वाद लिया, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण किया और दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री डॉ. कृष्ण मिड्ढा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत को लेकर जो सोच और दूरदर्शी विजन है, वह आज देश की 140 करोड़ जनता का साझा सपना बन चुका है।
उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बने, इसके लिए सरकार न केवल संकल्पित है, बल्कि ठोस नीतियों, निर्णायक फैसलों और वैश्विक मंच पर मजबूत नेतृत्व के साथ उस दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। श्री कार्तिकेय शर्मा ने हालिया केंद्रीय बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बजट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत सरकार आर्थिक मजबूती, निवेश और रोजगार सृजन को लेकर कितनी गंभीर है। बजट में किए गए प्रावधान विकसित भारत की नींव को और मजबूत करते हैं।
चाहे डेटा सेंटर को बढ़ावा देने की बात हो, इनकम टैक्स में छूट देकर निवेश का माहौल बनाना हो या अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना हो, इन सभी नीतियों का सीधा लाभ देश के युवाओं, मध्यम वर्ग और उद्यमियों को मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी साख को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
अमेरिका के साथ ट्रेड डील और यूरोपीय संघ के 28 देशों के साथ हुए आर्थिक समझौते इस बात का प्रमाण हैं कि भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। यह सभी समझौते भारत को एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब, इनोवेशन सेंटर और दुनिया की फैक्ट्री बनाने की दिशा में अहम कदम हैं, जिससे आने वाले समय में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
शिक्षा और युवाओं को विकसित भारत की रीढ़ बताते हुए श्री कार्तिकेय शर्मा ने जींद की पावन धरती से एक राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि देशभर के स्कूलों के लिए भारत की सबसे बड़ी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें विजेता स्कूल टीम को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
उन्होंने जींद और हरियाणा के सभी स्कूलों से अपील की कि वे इस प्रतियोगिता में पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ भाग लें। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल ज्ञान तक सीमित नहीं होगी, बल्कि छात्रों में प्रतिस्पर्धात्मक सोच, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करेगी।
कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा और हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने राधे-राधे चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा निर्मित प्रशासनिक भवन का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर श्री कार्तिकेय शर्मा ने अकैडमी में AI आधारित ‘ज्ञान गंगा केंद्र’ स्थापित करने की घोषणा की, जिससे विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक तकनीक और भविष्य के कौशल से जुड़ी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक का है और भारत का युवा इसमें नेतृत्व करने की पूरी क्षमता रखता है। हरियाणा में सरकारी नौकरियों में आए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए श्री कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि एक समय था जब नौकरी पर्ची और खर्ची की राजनीति से जुड़ी होती थी, लेकिन भाजपा सरकार ने मेरिट आधारित पारदर्शी व्यवस्था को लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया है।
उन्होंने कहा कि आज गरीब और सामान्य परिवार का बेटा-बेटी भी अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर आगे बढ़ रहा है। इस व्यवस्था की नींव रखने के लिए उन्होंने श्री पंडित विनोद शर्मा के प्रयासों को स्मरण किया और पूर्व मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल तथा वर्तमान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की सराहना की।
विपक्ष पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि जो लोग भारत की वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर सवाल उठाते थे, आज वही लोग असमंजस की स्थिति में हैं। जनता अब सच्चाई को समझ चुकी है और इसलिए देश और प्रदेश में उसका भरोसा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व पर लगातार मजबूत हो रहा है।
यूजीसी से जुड़े प्रश्न पर राज्यसभा सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह विषय वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायपालिका इस मामले में न्यायसंगत निर्णय देगी।
अंत में श्री कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि शिक्षा, तकनीक, मेरिट, पारदर्शिता और निर्णायक नेतृत्व ही विकसित भारत की असली नींव हैं। जींद जैसी जागरूक और कर्मठ धरती से ही नए भारत का भविष्य आकार लेगा और आने वाली पीढ़ियां इस बदलाव पर गर्व करेंगी।