5 Dariya News

हरियाणवी विरासत प्रदर्शनी देखकर अभिभूत हुए सी.पी. राधाकृष्णन

विरासत प्रदर्शनी में उप-राष्ट्रपति का पगड़ी बांध कर किया गया स्वागत

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फरीदाबाद 31-Jan-2026

39वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेला 2026 में 'अपणा घर विरासत' सांस्कृतिक प्रदर्शनी का उद्घाटन भारत के उप - राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने किया। इस अवसर पर उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, सहकारिता राज्य मंत्री तथा सांसद श्री कृष्ण पाल गुर्जर व हरियाणा के सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा, हरियाणा भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष श्री मोहन लाल बड़ौली भी मौजूद रहे।

अपणा घर विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी में उप-राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन व मेहमानों का स्वागत लोक पारंपरिक तरीके से पगड़ी पहनाकर किया गया। विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी में पहुंचे सभी मेहमानों ने हरियाणवी लोकजीवन में पुराने समय में प्रयोग किए जाने वाली वस्तुओं जैसे न्यौल, कांटे, घंटियां, ताले, इंढ़ी, लुगदी से बने बोहिये, बीजणे, ताखड़ी, चंगेरी, डायल, जुऐ, ओरणे, हरियाणवी लोक परिधान खारे एवं घाघरे का अवलोकन किया। 

इस अवसर उप-राष्ट्रपति ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को इस प्रदर्शनी के लिए विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को जोडऩे के लिए यह प्रदर्शनी एक सार्थक पहल है। इस अवसर पर विरासत दि हेरिटेज विलेज के संरक्षक डॉ. महासिंह पूनिया ने सभी मेहमानों को इन विषय-वस्तुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

अपणा घर की प्रदर्शनी में जहां एक ओर लोक पारंपरिक विषय - वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है वहीं पर दूसरी ओर हरियाणवी लोक जीवन में प्रयोग की जाने वाली सैकड़ों वर्ष पुरानी विषय - वस्तु पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी। यह जानकारी विरासत दि हेरिटेज विलेज के संरक्षक डॉ. महासिंह पूनिया ने दी।

उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग हरियाणा की ओर से आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय मेले में हरियाणा की लोक सांस्कृतिक विरासत के साक्षात् रूप में दर्शन करने का अवसर मिल रहा है। डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि हरियाणा की पगड़ी का स्टॉल भी युवा पीढ़ी के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र हैं, जिसमें पगड़ी बंधाओ, फोटो खिंचवायो इवेंट का आयोजन किया गया है। 

इसके साथ ही हरियाणवी संस्कृति के विविध स्वरूप जिसमें चौपाल, खेती-बाड़ी के प्राचीन औजार, तीन सौ साल पुराने ताले, तेल रखने के लिए प्रयोग किए जाने वाला कूपा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।