5 Dariya News

हरचंद सिंह बरसट ने नई तकनीकों से फूड वेस्ट को ऊर्जा और खाद में परिवर्तित करने पर दिया जोर

कौसांब और पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन ने सूरत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में लिया भाग

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एस.ए.एस. नगर (मोहाली) 22-Jan-2026

नेशनल काउंसिल ऑफ स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड (कौसांब) और पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन स. हरचंद सिंह बरसट ने गुजरात के सूरत में आयोजित एशियाई क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लिया। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन फूड एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाइजेशन आफ द यूनाइटेड नेशनस (एफ.ए.ओ.), वर्ल्ड यूनियन ऑफ होलसेल मार्केट्स (डब्ल्यू.यू.डब्ल्यू.एम.) और काउंसिल ऑफ स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड (कौसांब) की ओर से संयुक्त रूप से शेपिंग द फ्यूचर फॉर ट्रांसफॉर्मिंग फूड लॉस एंड वेस्ट – बेस्ट प्रेक्टिसिज फ्रोम फ्रूट एंड वेजीटेबल होलसेल मार्केट्स इन एशिया विषय पर आयोजित किया गया। 

इसकी मेज़बानी गुजरात सरकार, सूरत म्यूनिसिपल कार्पोरेशन और सूरत होलसेल मार्केट प्रबंधन द्वारा की गई। इस सम्मेलन में भारत में एफ.ए.ओ. के प्रतिनिधि श्री ताकायुकी हागीवारा, वर्ल्ड यूनियन ऑफ होलसेल मार्केट्स की महासचिव वैलेरी वियॉन, डब्ल्यू.यू.डब्ल्यू.एम. के एशिया–पेसीफिक क्षेत्रीय समूह के चेयरमैन श्री मा ज़ेंगजुन, सूरत के मेयर श्री दाकेश मावानी और चोरयासी (सूरत) के विधायक एवं सूरत एपीएमसी के चेयरमैन श्री संदीप देसाई भी शामिल रहे। 

इसके साथ ही जापान, हांगकांग, कोरिया, श्रीलंका, नेपाल, फिलीपींस, भूटान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, मलेशिया, यूएई, थाईलैंड, चीन समेत फ्रांस व अन्य क्षेत्रों से वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ एवं टेक्नालोजी प्रदाता शामिल हुए। इसके अलावा गेल इंडिया, वर्ल्ड रिसोर्सेज़ इंस्टीट्यूट (डब्ल्यू.आर.आई.), केआरआईबीएचसीओ, इंडियन फूड बैंकिंग नेटवर्क, एशियन डेवलपमेंट बैंक (ए.डी.बी.), बायोइकोनॉमी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन मलेशिया, नेशनल डेवलपमैंट प्लानिंग मंत्रालय इंडोनेशिया, आईआईटी खड़गपुर, एनडीडीबी, बीएचयू, निफ्टेम और देश भर के स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड्स के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

सम्मेलन में कौसांब की ओर से संबोधित करते हुए स. हरचंद सिंह बरसट ने सभी डेलीगेट्स का स्वागत किया और कहा कि एशिया विश्व के 70 प्रतिशत से अधिक ताजे फल और सब्जियों का उत्पादन करता है, जबकि होलसेल मार्केट्स शहरी फूड और पोषण सुरक्षा को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि यह मार्केट्स बड़ी मात्रा में आर्गेनिक वेस्ट पैदा करते हैं, जिससे ये क्लाइमेट एक्शन, टिकाऊ शहरी प्रशासन तथा सर्कूलर इकोनामी समाधानों का केंद्र बन जाते हैं। 

स. बरसट ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम, 2024 के महत्व पर जोर दिया, जो एपीएमसीज़ और होलसेल मार्केट्स को बड़े स्तर पर अपशिष्ट उत्पादक के रूप में वर्गीकृत करते हैं, जो स्रोत पृथक्करण और वैज्ञानिक ढंग से इसके निपटारे को अनिवार्य बनाते हैं। उन्होंने कहा कि कौसांब इन्हें केवल पालन के लिये जरूरी मानकर नहीं देखता, बल्कि मार्केट्स को आधुनिक बनाने, बुनियादी ढांचे को सुधारने, रोजगार पैदा करने, किसानों की आय बढ़ाने, क्लाइमेट फाइनांस और कार्बन मार्केट के अवसर के रूप में देखता है।

उन्होंने सम्मेलन के दौरान नई तकनीकों पर हुई चर्चा पर जोर दिया, जिसमें बायो-सीएनजी और बायोमीथेन प्लांट, एडवांसड प्री-ट्रीटमेंट सिस्टम, ब्लैक सोल्जर फ्लाई आधारित वेस्ट वैलोराइजेशन, केले की फाइबर प्रोसेसिंग, एंज़ाइम आधारित अपघटन, डिजिटल वेस्ट ट्रैकिंग और कार्बन क्रेडिट अस्सेमेंट शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये समाधान दर्शाते हैं कि फूड वेस्ट को नवीकरणीय ऊर्जा, जैविक-खाद और आर्थिक मूल्य में परिवर्तित किया जा सकता है। 

स. बरसट ने सूरत होलसेल मार्केट के 50-टीपीडी बायो-सीएनजी प्लांट की सराहना की। अंत में स. हरचंद सिंह बरसट ने जोर दिया कि होलसेल मार्केट्स एशिया में टिकाऊ खाद्य प्रणालियों के भविष्य में केंद्रीय भूमिका है। उन्होंने कहा कि सही नीतियों, साझेदारियों और तकनीकों के माध्यम से ये मार्केट्स क्लाइमेट एक्शन, सर्कूलर अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और समावेशी विकास के केंद्र के रूप में उभर सकती हैं।

सम्मेलन में क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने, बड़े स्तर पर निवेश आकर्षित करने, फूड लास और वेस्ट को ट्रैक करने के लिए प्लेटफॉर्म विकसित करने, फूड बैंकों के साथ संपर्क बढ़ाने और सरकारों, मार्केट अथार्टियों, निवेशकों और इनोवेटर्ज में सहयोग को प्रोत्साहित करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।