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सी जी सी यूनिवर्सिटी मोहाली के एमडी अर्श धालीवाल 'सरकार-ए-खालसा' अवार्ड से सम्मानित

जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज, संत बाबा गुरजीत सिंह और संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने प्रदान किया प्रतिष्ठित सम्मान

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मोहाली 21-Jan-2026

सी जी सी यूनिवर्सिटी मोहाली के लिए यह बेहद गर्व की बात है कि यूनिवर्सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्श धालीवाल को शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'सरकार-ए-खालसा' अवार्ड से सम्मानित किया गया है। लुधियाना में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान यह सम्मान तख्त श्री केसगढ़ साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज, संत बाबा गुरजीत सिंह जी और संत बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा प्रदान किया गया।

उल्लेखनीय है कि अर्श धालीवाल को यह पुरस्कार उनके दूरदर्शी नेतृत्व और भारत में आधुनिक शिक्षा प्रणाली को नया रूप देने के लिए दिया गया है। उन्होंने हमेशा अकादमिक उत्कृष्टता, तकनीकी समन्वय और मूल्य-आधारित शिक्षा पर जोर दिया है। उनके नेतृत्व में सीजीसी यूनिवर्सिटी आज के तेजी से बदलते वैश्विक स्तर पर छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने वाला एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरी है।

समारोह के दौरान बताया गया कि अर्श धालीवाल की सोच आज की पीढ़ी की जरूरतों को बखूबी समझती है। उन्होंने पारंपरिक पढ़ाई के स्थान पर व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) शिक्षा, उद्यमिता और ग्लोबल एक्सपोजर को बढ़ावा दिया है। उनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। 

इस प्रकार वह पंजाब सहित देश-विदेश के छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में उभरे हैं। युवा एमडी अर्श धालीवाल ने उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसी नई तकनीकों को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका मानना है कि तकनीकी प्रगति सामाजिक जिम्मेदारी के साथ होनी चाहिए। 

यह पुरस्कार केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में आई एक नई क्रांति का प्रतीक है। 'फादर ऑफ एजुकेशन' के अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के संस्थापक चांसलर रशपाल सिंह धालीवाल ने कहा कि अर्श धालीवाल के नेतृत्व में यूनिवर्सिटी का स्टार्टअप संस्कृति और युवा सशक्तिकरण में योगदान क्षेत्रीय विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। 

उन्होंने कहा कि यह सम्मान उस नेता का है जो क्लासरूम को नवाचार की प्रयोगशाला और छात्रों को भारत के डिजिटल भविष्य के निर्माता के रूप में देखता है। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के स्टाफ में इस अवार्ड के मिलने पर खुशी की लहर दौड़ गई।