5 Dariya News

जब रखवाला ही खेत चरने लगे तो अक्षम्य अपराध बन जाता है: भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर सिद्धारमैया

5 Dariya News

बेंगलुरु 17-Jan-2026

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को पुलिसकर्मियों की अपराधों में संलिप्तता की बढ़ती प्रवृत्ति पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब रखवाला ही खेत चरने लगे, तो यह अक्षम्य अपराध है। यह टिप्पणी उन्होंने यहां पुलिस अधिकारियों के वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बातचीत में की।

मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ पुलिस थानों में विभाग अच्छा काम कर रहा है, जबकि कुछ जगहों पर कार्यप्रणाली ठीक नहीं है। करीब 88 मामलों में पुलिसकर्मी खुद अपराधों में शामिल पाए गए हैं। यह बाड़ के खेत चरने जैसा है, जो पूरी तरह अक्षम्य है। ऐसे कृत्य न सिर्फ पुलिस विभाग, बल्कि राज्य सरकार की भी बदनामी कराते हैं।”

उन्होंने कहा कि राज्य में 2003 के बाद से अपराधों की संख्या में कमी आई है। रायचूर जिले का कवितला पुलिस थाना देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिस थानों में तीसरे स्थान पर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस उपनिरीक्षक, सहायक पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक और सहायक पुलिस आयुक्त की जानकारी के बिना कोई अपराध होना संभव नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पुलिस को सतर्कता के साथ काम करना चाहिए। कमजोर वर्गों को विशेष सुरक्षा दी जानी चाहिए और पुलिस को ताकतवर लोगों के हाथों का औजार नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि चोरी, जबरन वसूली, डकैती और हत्या जैसे अपराधों में कमी आई है, लेकिन साइबर अपराध और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में गिरावट नहीं हो रही है। 

इस समस्या से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। सरकार ने कर्नाटक को नशा-मुक्त राज्य बनाने का संकल्प लिया है। सिद्धारमैया ने कहा, “अगर पुलिस पूरी सतर्कता और दक्षता से काम करे, तो राज्य को नशा-मुक्त बनाया जा सकता है और युवाओं को बचाया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि नशा तस्करों या नशे के आदी लोगों से पूछताछ करने पर पूरे ड्रग नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। 

सप्लायर्स से पूछताछ के जरिए उत्पादकों और वितरकों की पहचान संभव है। इस दिशा में सभी पुलिस थानों को तुरंत कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि विदेशी नागरिकों को जमानत पर रिहा कर राज्य में रहने दिया जाता है, तो उनके दोबारा उसी तरह के अपराधों में लौटने की आशंका रहती है। 

इसलिए ड्रग मामलों में शामिल विदेशी नागरिकों के साथ कोई नरमी न बरतते हुए उन्हें उनके देश वापस भेजा जाना चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुलिस थानों में तैनात निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों और उप पुलिस अधीक्षकों पर कड़ी नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि वे किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल न हों।