चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत की सोच पर पहरा देकर काउंसिल ऑफ लॉयर्स भी गरीबों की मदद कर संजोएगा आशीर्वाद : एडवोकेट वासु शांडिल्य
जस्टिस सूर्यकांत को उनके पैतृक गाँव पेटवाड़ पहुँचने पर काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने किया सम्मानित, दी नववर्ष व लोहड़ी की शुभकामनाएँ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी दर्ज करवाई गरिमामयी उपस्थिति
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चंडीगढ़ 12-Jan-2026
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत के अपने पैतृक गाँव पेटवाड़ (हिसार) आगमन पर पूरे क्षेत्र में गर्व व भावुकता का माहौल देखने को मिला। इस ऐतिहासिक अवसर पर काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन सुप्रीम कोर्ट एवं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को भव्य पेंटिंग पोर्ट्रेट भेंट कर सम्मानित किया तथा उन्हें नववर्ष एवं लोहड़ी की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवाई, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई। कार्यक्रम में न्यायिक, प्रशासनिक व सामाजिक क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित रहीं, जिनमें हिसार बार एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप बूरा, उपप्रधान विकास पूनिया, सेक्रट्री समीर भाटिया हरियाणा सरकार के पूर्व डिप्टी एडवोकेट जनरल आशीष गोदारा, एडिशनल एडवोकेट जनरल हिमांशु राज सहित अनेक वरिष्ठ अधिवक्ता व गणमान्य नागरिक शामिल थे।
इस दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत ने अपने संबोधन में कहा कि आज जो कुछ भी मैं हूँ, वह मेरे बुजुर्गों, शिक्षकों और गाँव की मिट्टी के आशीर्वाद का परिणाम है। उनका यह भावुक वक्तव्य उपस्थित जनसमूह को गहराई से छू गया।
एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने कहा कि जस्टिस सूर्यकांत का यह संदेश न केवल न्यायपालिका बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि काउंसिल ऑफ लॉयर्स जस्टिस सूर्यकांत की विचारधारा पर चलते हुए, गरीब, वंचित और अंतिम पंक्ति में खड़े नागरिक तक न्याय पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है और वह भी गरीबों को मदद कर आशीर्वाद संजोयेंगे।
शांडिल्य ने कहा कि काउंसिल ऑफ लॉयर्स निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी जागरूकता अभियानों और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के माध्यम से समाज को मजबूत करने तथा भारतीय न्यायपालिका की साख को और सुदृढ़ करने का कार्य करेगी। एडवोकेट शांडिल्य ने कहा कि आज जब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया अपने पैतृक गाँव की मिट्टी को नमन करता है, तो यह संदेश जाता है कि संस्कार, आशीर्वाद और मूल्यों की शक्ति ही व्यक्ति को शिखर तक पहुँचाती है। यह क्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।