चार पार्टियों के संयुक्त उम्मीदवार मनप्रीत को हराकर मुझे ऐतिहासिक विजय मिली-हरसिमरत कौर बादल
राज्य भर में वोट हिस्सा दूसरे स्थान पर प्राप्त किया,विधानसभा के मुकाबले मनप्रीत ने 1.5 लाख वोट कम प्राप्त किये
5 दरिया न्यूज
चंडीगढ़ 18-May-2014
बठिंडा से संसद सदस्य हरसिमरत कौर बादल ने कहा है कि चार पार्टियों के संयुक्त उम्मीदवार मनप्रीत सिंह बादल को हराकर उनको ऐतिहासिक जीत मिली है। आज यहां ज़ारी एक बयान में उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान बठिंडा क्षेत्र अपनी इस विलक्षणता के लिए याद रखा जायेगा कि मनप्रीत सिंह बादल जोकि पी पी पी, कांग्रेस, सी पी आई एवं शिरोमणि अकाली दल लोंगोवाल का संयुक्त उम्मीदवार था, को हार का मुंह देखना पड़ा है। श्रीमति बादल ने क्षेत्र के लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि संगरूर से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के बाद उनको सबसे अधिक 43.7 प्रतिशत मत मिले हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा 2012 के दौरान पार्टी को सभी क्षेत्रों से मिली वोटों से उनको लोकसभा दौरान अधिक मत मिले हैं। उन्होंने कहा कि चार पार्टियों के गठजोड़ के बावजूद मनप्रीत सिंह बादल 1.5 लाख मत कम प्राप्त कर सका जबकि आम आदमी पार्टी द्वारा भी उनकी मदद के लिए कमज़ोर उम्मीदवार को मैदान में उतारा गया था। कांग्रेस, सी पी आई, अकाली दल लोंगोवाल एवं पी पी पी द्वारा 2012 विधानसभा चुनावों के दौरान कुल बठिंडा लोकसभा के विधानसभा क्षेत्रों से कुल 6.10 लाख मत मिले थे जबकि इस बार मनप्रीत को केवल 4.94 लाख मत मिले हैं।
उन्होंने कहा कि बठिंडा के अतिरिक्त देश भर में कहीं भी कांग्रेस एवं सी पी आई का गठजोड़ नही था। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा भी मनप्रीत की सहायता के लिए पहले ही अंतिम समय तक उसने उम्मीदवार के कागज़ ही नही भरे और फिर उसके द्वारा मनप्रीत की मदद के लिए कोई कैंपेन ही नही की गई। उन्होंने कहा कि इस बात का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि आप के उम्मीदवार को केवल 7 प्रतिशत मत मिले हैं जबकि राज्य में 24 एवं पड़ौसी क्षेत्र संगरूर में 48 प्रतिशत मत मिले हैं। उन्होंने कहा कि मनप्रीत को जब अहसास हो गया कि उनकी जमानत जब्त हो जायेगी तो पहले उन्होंने अपनी पार्टी पी पी पी को खत्म किया एवं फिर कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि वह 2019 लोकसभा चुनावों के समय भी मनप्रीत विरूद्ध चुनाव लडऩे के लिए तैयार हैं चाहे उनको कितनी भी पार्टियों का समर्थन प्राप्त हो।