5 Dariya News

हरचंद सिंह बरसट ने कौसांब की डायरी-2026 की रिलीज़

देशभर के विभिन्न मार्किटिंग बोर्डों के अधिकारियों के लिए तालमेल और संपर्क का बनेगी अहम साधन

5 Dariya News

दिल्ली 23-Dec-2025

नेशनल काउंसिल ऑफ स्टेट एग्रीकल्चरल मार्किटिंग बोर्ड (कौसांब) के चेयरमैन स. हरचंद सिंह बरसट ने कौसांब की ओर से “ताज़ी उपज की पुनर्प्राप्ति की संभावनाओं को उजागर करना” विषय पर दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय संवाद के दौरान कौसांब की डायरी – 2026 का विमोचन किया। इस अवसर पर राजकुमार भाटिया विधायक आदर्श नगर, डॉ. मीता पंजाबी सीनियर फूड सिस्टम ऑफिसर एफएओ/यूएन, बैंकॉक, अनिल डब्बू चेयरमैन उत्तराखंड स्टेट एग्रीकल्चरल मार्किटिंग बोर्ड, डॉ. जे.एस. यादव मैनेजिंग डायरेक्टर कौसांब तथा सुधाकर पी.सी.एस. सचिव ए.पी.एम.सी. आज़ादपुर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए स. हरचंद सिंह बरसट ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कौंसाब की डायरी – 2026 देश के विभिन्न राज्यों के एग्रीकल्चरल मार्किटिंग बोर्डों, एपीएमसी और संबंधित विभागों के अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि इस डायरी में मार्किटिंग बोर्डों के महत्वपूर्ण संपर्क विवरण, नीतियां, विभिन्न राज्यों में लागू मार्किटिंग फीस, मार्किट चार्ज तथा मार्किटिंग से संबंधित अन्य उपयोगी जानकारियां शामिल हैं, जो आपसी तालमेल और सहयोग को और मजबूत बनाने में सहायक होगी। 

उन्होंने कहा कि किसान अत्यंत मेहनत से फसल की पैदावार करता है। इस दौरान जितना ध्यान फसल का रखा जाता है, उससे अधिक ध्यान फसल की संभाल और लोगों तक सही ढंग से पहुंचाने पर देने की जरूरत है, क्योंकि उचित प्रबंधन न होने के कारण लगभग 30 प्रतिशत तक वह मेहनत व्यर्थ हो जाती है। इसलिए यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है और इसके लिए सभी को विस्तार से चर्चा करके समाधान खोजने की आवश्यकता है।

डॉ. जे.एस. यादव ने कहा कि कौसांब की ओर से तैयार की गई यह डायरी केवल एक रूटीन प्रकाशन नहीं, बल्कि यह कृषि मार्किटिंग के क्षेत्र में कार्य कर रहे अधिकारियों के लिए रेफरेंस डॉक्यूमेंट के रूप में काम आएगी। इस डायरी के माध्यम से विभिन्न राज्यों के बीच सूचना के आदान–प्रदान और नीतियों की समझ को और सरल बनाया जाएगा।

इस अवसर पर वंदना सिंह डायरेक्टर इंडिया फूड बैंकिंग नेटवर्क, विजय कुमार जी.एम.(टेक्निकल) उत्तराखंड मार्किटिंग बोर्ड, जी.के. वेंकटेश जनरल मैनेजर कर्नाटक मार्किटिंग बोर्ड, अरविंद पंजगोत्रा डिप्टी डायरेक्टर जम्मू और कश्मीर हॉर्टीकल्चर प्लानिंग एंड मार्किटिंग, रजनीश गोयल डी.जी.एम. पंजाब मंडी बोर्ड, जय विजय डीडीएमओ पंजाब मंडी बोर्ड, एल. श्रीनिवास सचिव ए.पी.एम.सी. बोवेनपैल्ली, अक्षित सचिव ए.पी.एम.सी. सिरमौर, राहुल सचिव ए.पी.एम.सी. बिलासपुर, अंजू बाला सचिव ए.पी.एम.सी. ऊना, एन. किरण सचिव ए.पी.एम.सी. कोलार, मोहन जोशी सचिव ए.पी.एम.सी. किच्छा, सुरमुख सिंह निजी सचिव चेयरमैन पंजाब मंडी बोर्ड, प्रेरणा मार्किटिंग ऑफिसर जम्मू और कश्मीर हॉर्टीकल्चर प्लानिंग एंड मार्किटिंग, चंदन भल्ला सहायक डायरेक्टर (प्रशासन) कौसांब, हनुमंत यादव मैनेजर कौसांब, कमलेश सिंह सीनियर प्रोग्राम मैनेजर इंडिया फूड बैंकिंग नेटवर्क, हिमांशु ठाकुर मुख्य टेक्नालोजी अफसर, श्रद्धा सुमन प्रोग्राम मैनेजर, राजीव कुमार वित्त अधिकारी, सुचित तिवारी प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर इंडिया फूड बैंकिंग नेटवर्क, निवेदिता वार्शनेया रीजनल एडवोकेसी एडवाइज़र, डब्ल्यूएचएच इंडिया, डॉ. अनीता नॉलेज मैनेजमेंट एक्सपर्ट कोफ्टी-वासन, प्रियंवदा कौशिक कम्युनिकेशन एक्सपर्ट कोफ्टी–वासन, वनी अडलीना टंडन पूर्व कोफ्टी फेलो वासन, परल संधू कंसल्टेंट मैजिक स्पैंगल्स, दृष्टि विश्वनाथ प्रोग्राम एसोसिएट फूड लॉस एंड वेस्ट डब्ल्यू.आर.आई. इंडिया, शालू प्रोजेक्ट हेड समर्पण फाउंडेशन और निधि गुप्ता संस्थापक स्वाभिमान एन.जी.ओ. उपस्थित रहे। इन्होंने कौसांब की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रकाशन कृषि मार्किटिंग प्रणाली को और अधिक प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंत में सभी ने कौसांब की टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाइयां दीं।