5 Dariya News

चितकारा इंटरनेशनल स्कूल ने वार्षिक समारोह ‘संचार: द कम्युनिकेशन वाइब’ का आयोजन किया

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चंडीगढ़ 20-Dec-2025

चितकारा इंटरनेशनल स्कूल ने अपने चंडीगढ़ व पंचकूला परिसर में वार्षिक समारोह “संचार: द कम्युनिकेशन वाइब” का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने समय के साथ संचार के विकास की प्रभावशाली झलक को प्रस्तुत किया।वार्षिक समारोह कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डॉ. अशोक के. चितकारा, चांसलर, चितकारा यूनिवर्सिटी, पंजाब व हिमाचल प्रदेश तथा डॉ. मधु चितकारा, प्रो-चांसलर, चितकारा यूनिवर्सिटी, पंजाब व हिमाचल प्रदेश एवं चेयरपर्सन, चितकारा इंटरनेशनल स्कूल्स उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण यूनिवर्सिटी कनेक्ट सेगमेंट रहा, जिसमें चितकारा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज़्म के डीन डॉ. आशुतोष मिश्रा ने वीडियो संदेश के माध्यम से पीएचडी से प्लेवे कनेक्ट को दर्शाया। उन्होंने एकीकृत शिक्षण मार्गों एवं नैतिक संचार के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही प्रख्यात सिनेमैटोग्राफर व निर्माता अमिताभा सिंह तथा स्कूल की पूर्व छात्रा आरजे ओमिका के संदेशों ने कार्यक्रम को और प्रेरक बनाया।

वार्षिक समारोह कार्यक्रम की शुरुआत प्राचीन भारतीय महाकाव्य रामायण से प्रेरित एक प्रस्तुति से हुई, जिसमें बच्च्चों द्वारा भगवान हनुमान की भक्ति व वीरता का सजीव मंचन किया गया। इमर्सिव विज़ुअल्स और बेहतरीन कोरियोग्राफी के सटीक संयोजन के साथ छात्राओं द्वारा किए गए जटिल लिफ्ट्स ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।वार्षिक समारोह कार्यक्रम में स्कूल के सभी विद्यार्थियों ने मंच पर भाग लिया। रोचक व हास्यपूर्ण कथा के माध्यम से प्रस्तुति मुगल काल से होते हुए आज की जेन ज़ी पीढ़ी और भविष्य की रोबोटिक दुनिया तक पहुंची, जिसमें बदलते संचार माध्यमों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। 

सभी प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि माध्यम चाहे कोई भी हो, संचार में संवेदनशीलता और मानवीय विवेक सबसे महत्वपूर्ण हैं।समारोह में भावपूर्ण नृत्य, संगीत प्रस्तुतियाँ, नाट्य दृश्य तथा डिजिटल टूल्स और पीपीटी के माध्यम से तकनीक-सहायित प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं, जिनमें प्राचीन लिपियों और मुद्रित माध्यमों से लेकर आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक संचार की यात्रा को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। 

कई तरह की एक्टिविटीज़ में कम्युनिकेशन के अलग-अलग माध्यमों को दिखाया गया, जिनमें प्राचीन गुफा पेंटिंग, पेपिरस स्क्रॉल, हाथ से लिखे लेटर, अखबार, टेलीग्राम, रेडियो, टेलीविज़न, मोबाइल फोन, ईमेल, वेबसाइट, ब्लॉग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शामिल थे। ए.आई और मानव संवाद पर आधारित विशेष प्रस्तुति ने यह स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव रचनात्मकता और विवेक का सहायक है, उसका विकल्प नहीं।

इस अवसर पर चितकारा इंटरनेशनल स्कूल्स की वाइस प्रेसिडेंट डॉ. नियति चितकारा ने कहा कि राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप विद्यालय का उद्देश्य ऐसे जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक तैयार करना है, जो तकनीक का सही उपयोग करते हुए समाज में सकारात्मक भूमिका निभाएं।“संचार: द कम्युनिकेशन वाइब” कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि आधुनिक तकनीक के युग में भी मानवीय मूल्य, संवेदना और जिम्मेदारी ही सच्चे संचार की पहचान हैं।