5 Dariya News

राजिंदर गुप्ता द्वारा मोहाली हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार की मांग

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नई दिल्ली 12-Dec-2025

राज्यसभा की ज़ीरो आवर के दौरान श्री राजिंदर गुप्ता ने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मोहाली से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता उठाई। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत के सबसे आधुनिक और सुविधाजनक हवाई अड्डों में से एक होने के बावजूद वर्तमान में यहां अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बहुत कम है।

उन्होंने बताया कि यह हवाई अड्डा रोज़ाना लगभग 10,000 यात्रियों को संभालता है और ये 4.5 मिलियन वार्षिक क्षमता वाला आधुनिक टर्मिनल है। लेकिन फिलहाल केवल दुबई और अबूधाबी के लिए दो ही अंतरराष्ट्रीय मार्ग संचालित हो रहे हैं, जो सप्ताह में कुल मिलाकर केवल नौ अंतरराष्ट्रीय मूवमेंट बनते हैं। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और यूटी चंडीगढ़ की बड़ी आबादी के लिए यह कनेक्टिविटी बिल्कुल अपर्याप्त है।

श्री गुप्ता ने कहा कि इस हवाई अड्डे का कैचमेंट एरिया 6 करोड़ से अधिक लोगों को कवर करता है, जिसमें दुनिया की सबसे बड़ी एनआरआई कम्युनिटी भी शामिल है। यूके, यूएसए, कनाडा, सिंगापुर, कतर और सऊदी अरब के लिए भारी मांग है। सीधी उड़ानें न होने के कारण लोगों को दिल्ली या अमृतसर जाना पड़ता है जिससे समय, धन बर्बाद  होता है और थकान बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि लंदन, टोरंटो और सिंगापुर जैसे प्रमुख हब्स के साथ सीधी कनेक्टिविटी यात्रियों को बड़ी राहत देगी और क्षेत्र में व्यापार, आईटी, एम आई सी ई, मेडिकल टूरिज़्म और स्टार्टअप गतिविधियों को नई गति देगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मोहाली हवाई अड्डा देश के सर्वश्रेष्ठ ए आई -प्रबंधित हवाई अड्डों में से एक है और 5 की उच्च ए स क्यू  रेटिंग प्राप्त कर चुका है, जो अंतरराष्ट्रीय संचालन के लिए इसकी तैयारी को दर्शाता है। 

चंडीगढ़ की रणनीतिक सैन्य महत्ता भी वैश्विक कनेक्टिविटी बढ़ाने की आवश्यकता को और मज़बूत करती है। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, श्री राजिंदर गुप्ता ने सरकार से आग्रह किया कि तत्काल रूट-वायबिलिटी ऑडिट कराया जाए, टर्मिनल व कस्टम सुविधाओं को अपग्रेड किया जाए, ऑपरेशनल विंडो बढ़ाई जाए और एयरलाइनों को दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप और उत्तर अमेरिका के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने के लिए प्रोत्साहन दिए जाएँ, ताकि क्षेत्र को वह अंतरराष्ट्रीय संपर्क मिल सके जिसका वह हकदार है।