उमर खालिद को 13 दिन की पैरोल के लिए पांच साल का इंतजार, न्याय सिस्टम में भेदभाव : महबूबा मुफ्ती
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जम्मू 11-Dec-2025
दिल्ली दंगा मामले में जेल में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को कड़कड़डूमा कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने गुरुवार को उमर खालिद की तरफ से दायर की गई उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उसने अपनी बहन के निकाह में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी।
उमर खालिद को जमानत मिलने पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती और उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने प्रतिक्रिया दी है। महबूबा मुफ्ती ने उमर खालिद को जमानत मिलने के बाद कहा कि यह दुखद और हैरान करने वाली बात है कि खालिद को 13 दिन की पैरोल के लिए पांच साल का इंतजार करना पड़ा, जबकि रेप और मर्डर के दोषी बार-बार पैरोल पर बाहर आते-जाते रहते हैं।
यह न्याय सिस्टम में एक और गड़बड़ी और भेदभाव को दिखाती है। जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि यह दुखद और हैरान करने वाली बात है कि उमर खालिद को अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए 13 दिन की पैरोल पाने के लिए पांच साल इंतजार करना पड़ा, जबकि गुरमीत सिंह जैसे रेप और मर्डर के दोषी बार-बार पैरोल पर बाहर आते-जाते रहते हैं।
यह फर्क साफ नजर आता है। यह असमानता हमारे न्याय सिस्टम में एक परेशान करने वाली गड़बड़ी और भेदभाव को दिखाती है। इल्तिजा मुफ्ती ने लिखा कि उमर खालिद यूएपीए के तहत बिना किसी सजा के पांच साल से ज्यादा समय से जेल में हैं। उसे अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए 13 दिनों की जमानत मिली है।
क्या कोई यह दिखावा करेगा कि यह न्याय है? माय लॉर्ड्स का बहुत-बहुत धन्यवाद, या क्या व्यंग्य के रूप में सच बोलना कोर्ट की अवमानना है? उमर खालिद की बहन का निकाह 27 दिसंबर को होना है और 14 दिसंबर से 29 दिसंबर तक की जमानत अवधि मांगी गई थी। अदालत ने खालिद को 16 दिसंबर से 29 दिसंबर तक की अंतरिम जमानत मंजूर की है।
उमर खालिद को शर्तों के साथ अदालत ने अंतरिम रिहाई दी है। शर्तों के अनुसार, उमर खालिद सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेगा, किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेगा और केवल परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों से ही मिल सकेगा। रिहाई के दौरान खालिद को अपने घर पर ही रहना होगा और केवल उन्हीं जगहों पर जाने की इजाजत है, जहां शादी से जुड़ीं रस्में और अन्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। 29 दिसंबर की शाम तक सरेंडर करने के लिए कहा गया है।