टांडा अस्पताल में एक तरफ मेंटेनेंस के लिए बजट नहीं है और दूसरी तरफ यहां सफाई के लिए करोड़ों खर्च
5 दरिया न्यूज (विजयेन्दर शर्मा)
धर्मशाला 20-Nov-2012
टांडा अस्पताल में एक तरफ मेंटेनेंस के लिए बजट नहीं है और दूसरी तरफ यहां सफाई के लिए करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं। बावजूद इसके टांडा में लग रहे गंदगी के ढेर कुछ और ही बयां कर रहे हैं। टीएमसी के सफाई के बजट पर पनपा नया विवाद सुर्खियों में आ गया है। सफाई के लिए रखे करोड़ से अधिक बजट में गोलमाल की आशंका जताई जा रही है। यहां सफाई व्यवस्था पर उठ रहे सवालों ने अधिकारियों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। सरकार ने टीएमसी में सफाई व्यवस्था के लिए वर्ष का बजट एक करोड़ से अधिक रखा है, पर कैंपस की हालत देख प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि अधिकारियों ने इस मामले की गंभीरता को भांपते हुए कुछ कमेटियों का गठन तो किया है, लेकिन कालेज को छोड़ अस्पताल जैसा महत्त्वपूर्ण क्षेत्र अभी भी गंदगी के ढेरों से उभारा नहीं जा सका है। लिहाजा टांडा मेडिकल कालेज की सफाई व्यवस्था पर खर्च होने वाले करोड़ रुपए सबको हैरत में डाल रहे हैं। एक तरफ लोगों ने इस मामले पर प्रशासन के कुछ अधिकारियों को लपेटकर बजट में गोलमाल जैसे संगीन आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं, वहीं कांट्रैक्टर के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। टांडा प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि टीएमसी की सफाई व्यवस्था के लिए करीब एक करोड़ दस लाख रुपए का बजट इस वर्ष का रखा गया है। बजट होने के बावजूद सफाई के नाम पर टांडा में कुछ नहीं है। विभाग ने अस्पताल प्रशासन को यह आदेश भी दे रखे हैं कि प्रत्येक शौचालय में साबुन व नलों की उचित व्यवस्था रखें। अस्पताल बिल्डिंग में पिछले छह माह से टूटे नलों को ठीक नहीं किया गया है। बहरहाल लोगों ने सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं ।