श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित एक भव्य नगर कीर्तन फरीदकोट से रवाना हुआ
खालसाई जाहो-जलाल के साथ रवाना हुआ नगर कीर्तन 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होगा
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फरीदकोट 20-Nov-2025
पंजाब सरकार हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस पूरी श्रद्धा के साथ मना रही है। चार भव्य नगर कीर्तनों में से, बाबा फ़रीद जी के पावन स्थान फ़रीदकोट से शुरू हुआ नगर कीर्तन फ़िरोज़पुर, मोगा, जगराओं, लुधियाना, फ़तेहगढ़ साहिब, चमकौर साहिब होते हुए 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब पहुँचेगा।
पंजाब की सामाजिक न्याय अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री श्रीमती बलजीत कौर ने फ़रीदकोट से श्री आनंदपुर साहिब के लिए रवाना हुए नगर कीर्तन में भाग लिया। उनके साथ फ़रीदकोट के विधायक श्री गुरदित सिंह सेखों, जैतो के विधायक श्री अमोलक सिंह और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने मानवता के धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक अद्वितीय शहादत दी ताकि दुनिया के लिए एक मिसाल कायम हो सके। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दिल्ली में अपने प्राणों की आहुति दी, जो विश्व इतिहास में अभूतपूर्व है।
उन्होंने कहा कि नौवें सिख गुरु जी धर्मनिरपेक्षता, एकता और विश्व बंधुत्व के सच्चे प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का जीवन और दर्शन समस्त मानवता के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य गुरु साहिब के महान जीवन, शहादत और मानवता के शाश्वत संदेश से लोगों को अवगत कराना है, जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आवाज़ उठाई और 1675 में दिल्ली के चांदनी चौक में शहीद हो गए। उन्होंने कहा कि कश्मीर के पंडित अपने धर्म की रक्षा के लिए श्री गुरु तेग बहादुर जी के पास मदद के लिए आए थे।
उन्होंने कहा कि उस समय के शासकों द्वारा कई प्रस्तावों के बावजूद, गुरु जी ने अत्याचार के आगे झुकने से इनकार कर दिया और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए शहादत का मार्ग चुना। उन्होंने कहा कि इतिहास में यह पहली बार होगा जब चंडीगढ़ के बाहर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है।
यह विशेष सत्र गुरु साहिब द्वारा मानवता के लिए दिए गए अद्वितीय बलिदान को समस्त मानवता की ओर से श्रद्धांजलि है। फरीदकोट के विधायक श्री गुरदित सिंह सेखों ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी को दुनिया भर में मानव अधिकारों के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले पहले शहीद के रूप में याद किया जाता है।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के ये पवित्र उत्सव आने वाली पीढ़ियों को गुरु जी के शांति, दया और धार्मिक स्वतंत्रता के शाश्वत संदेश से प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता से काम कर रही है कि प्रत्येक संगत आध्यात्मिकता और प्रशासनिक दक्षता के अनूठे मिश्रण का अनुभव करे।
जैतो के विधायक श्री अमोलक सिंह ने कहा कि पहला नगर कीर्तन 19 नवंबर को श्रीनगर से रवाना हुआ है और 22 नवंबर को जम्मू और पठानकोट होते हुए श्री आनंदपुर साहिब पहुँचेगा। दूसरा नगर कीर्तन 20 नवंबर को गुरदासपुर से शुरू होगा और बटाला, अमृतसर, जालंधर, फगवाड़ा, नवांशहर होते हुए श्री आनंदपुर साहिब पहुँचेगा।
तीसरा नगर कीर्तन तख्त श्री दमदमा साहिब से शुरू होगा और बठिंडा, संगरूर, पटियाला, मोहाली होते हुए श्री आनंदपुर साहिब पहुँचेगा। श्री आनंदपुर साहिब में 23, 24 और 25 नवंबर को विश्वस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 23 नवंबर को सर्व धर्म सम्मेलन होगा और तीनों दिन शाम को कीर्तन दरबार सजेगा। पूरा श्री आनंदपुर साहिब मशालों से जगमगाएगा। तीनों दिन ड्रोन शो भी होगा। 25 नवंबर को सर्वजन कल्याण हेतु एक समागम होगा। इससे पहले, नगर कीर्तन को पंजाब पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
इस अवसर पर मार्केट कमेटी फरीदकोट के चेयरमैन स. अमनदीप सिंह, जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन स. गुरतेज सिंह खोसा, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन स. गगनदीप सिंह धालीवाल, मैडम बेअंत कौर, एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जी) हरजोत कौर, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर विकास स. संदीप मल्होत्रा, एसडीएम फरीदकोट मेजर डॉ. वरुण कुमार, एसडीएम कोटकपूरा/जैतो श्री सूरज, सहायक कमिश्नर फरीदकोट स. गुरकिरणदीप सिंह और अन्य सिविल व पुलिस प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।