5 Dariya News

मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने चंडीगढ़ में प्रमुख प्रशासनिक पहलों और परियोजनाओं की समीक्षा की

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चंडीगढ़ 07-Nov-2025

चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (CCPCR) द्वारा इसके प्रमुख वार्षिक कार्यक्रम ‘सशक्त बाल महोत्सव – 3.0, 2025’ का उद्घाटन आज सेक्टर-43 स्थित चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी के सभागार में किया गया। यह एक माह तक चलने वाला आयोजन है, जिसका उद्देश्य बाल अधिकारों, रचनात्मकता और सशक्तिकरण को विभिन्न सहभागितापूर्ण गतिविधियों और पहलों के माध्यम से प्रोत्साहित करना है।

उद्घाटन कार्यक्रम में श्री एच. राजेश प्रसाद, आईएएस, मुख्य सचिव, यू.टी. चंडीगढ़ मुख्य अतिथि तथा सुश्री अनुराधा एस. चागटी, सीएसएस, सचिव, सामाजिक कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के स्वागत भाषण में सुश्री शिप्रा बंसल, अध्यक्ष, चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (CCPCR) ने बताया कि इस वर्ष के सशक्त बाल महोत्सव का विषय ‘माय डे – माय राइट्स’ (विश्व बाल दिवस 2025 की थीम के अनुरूप) रखा गया है।

इस संस्करण की प्रमुख विशेषता ‘चिल्ड्रन लिटरेचर फेस्टिवल (CLF)’ की शुरुआत है, जो बच्चों में पढ़ने, कहानी कहने और रचनात्मक अभिव्यक्ति की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।अपने संबोधन में मुख्य सचिव, श्री एच. राजेश प्रसाद ने आयोग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सशक्त बाल महोत्सव के माध्यम से बच्चों में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने का सराहनीय प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को अपनी अभिव्यक्ति और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं और उन्हें अपने अधिकारों एवं जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील बनाते हैं।मुख्य सचिव ने यह भी उल्लेख किया कि इस आयोजन में वाद-विवाद, श्लोक वाचन, नाट्य प्रस्तुति, पोस्टर निर्माण, नारा लेखन एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं जैसी विविध गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है।

साथ ही, उन्होंने चिल्ड्रन लिटरेचर फेस्टिवल की पहल को छात्रों में पढ़ने और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।श्री प्रसाद ने कहा कि प्रशासन बच्चों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षित, समावेशी एवं प्रोत्साहनपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों और हितधारकों से आग्रह किया कि वे मिलकर ऐसा समाज बनाने की दिशा में कार्य करें, जहाँ हर बच्चा बिना भय, भेदभाव या उपेक्षा के सपने देख सके, आगे बढ़ सके और अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुँच सके।कार्यक्रम का समापन प्रो. मनीषा शर्मा, सदस्य, CCPCR द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, आयोग एवं बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य, डीसीपीयू एवं बाल देखभाल संस्थानों (CCIs) के प्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।