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महर्षि वाल्मीकि द्वारा दी गई शिक्षाओं एवं उनके सिद्धांतो पर चलकर हमें अपने जीवन को सार्थक बनाना हैं : अनिल विज

महर्षि वाल्मीकि पहले ऐसे ऋषि है जिन्होंने ग्रंथों को कविता में लिखा हैं, जिसमें रामायण शामिल हैं : मंत्री अनिल विज

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अंबाला 07-Oct-2025

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा दी गई शिक्षाओं एवं उनके सिद्धांतो पर चलकर हमें अपने जीवन को सार्थक बनाना हैं। सारे देश में धर्म एवं संस्कृति की आधारशिला महर्षि वाल्मीकि जी द्वारा रखी गई हैं।ऊर्जा मंत्री अनिल विज आज महर्षि वाल्मीकि जयन्ती के उपलक्ष्य में अंबाला छावनी के तोपखाना बाजार व बब्याल में स्थित वाल्मीकि मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। 

उन्होंने महर्षि वाल्मीकि दिवस के प्रकट दिवस की उपस्थित सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सारे देश में इस जयन्ती को हर्षोउल्लास के साथ मनाया जा रहा है। महर्षि वाल्मीकि आदि कवि, सृष्टिकत्र्ता व रामायण के रचयिता हैं। उन्होनें कहा कि विश्व की सबसे पहली कविता की रचना व विश्व का सबसे पुराना शास्त्र रामायण भी महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखी गई है। संस्कृत का पहला श्लोक भी भगवान वाल्मीकि के मुख से प्रकट हुआ हैं। संस्कृत में ही हमारे शास्त्र लिखे गए हैं। 

भगवान वाल्मीकि पहले ऐसे ऋषि है जिन्होंने ग्रंथों को कविता में लिखा हैं, जिसमें रामायण शामिल हैं। महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम के जीवन को शास्त्र में लिखकर आने वाली सदियों तक उनके संदेश व आदेश को प्रशस्त किया हैं। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम का भाईयों के प्रति प्यार, माता पिता के प्रति आदर सम्मान, पत्नी के प्रति सम्मान और प्रजा के प्रति उनका जो दायित्व है उसका वर्णन रामायण में किया गया हैं और यह रामायण महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित हैं। 

*महर्षि वाल्मीकि द्वारा मानव कल्याण के लिए रामायण लिखी : विज*

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा मानव कल्याण के लिए रामायण लिखी है। भगवान राम के जीवन को शास्त्र में लिखकर उन्होंने हमारा मार्ग प्रशस्त किया है। रामायण एक सफलता की कूंजी है। रामायण को शास्त्र का आधार बनाकर हम जीवन यापन की जो भी परस्थिति है उससे निकल सकते हैं। कठिन से कठिन रास्ते पर हमें क्या करना है और क्या नहीं करना है यह रामायण में लिखा हैं। विश्व का सबसे पुराना शास्त्र रामायण है। 

उन्होनें इस मौके पर यह भी कहा कि हिन्दुस्तान में राम लीलाओ के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन परिचय से जुड़ी सभी घटनाओं का वर्णन किया जाता हैं। उन्होंने इस मौके पर उपस्थित सभी को इस पावन पवित्र अवसर पर कहा कि हमें संकल्प लेना है कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा दी गई शिक्षाओं व उनके शास्त्रों के श्लोकों का रसपान करते हुए अपने जीवन को निर्मल बनाना हैं। 

ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज ने इस मौके पर यह भी कहा कि रामायण की जो रचना की गई है वह आदि कवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत भाषा में लिखी हुई हैं। महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस के अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री अनिल विज ने दोनों जगहों पर मन्दिर में माथा टेक कर महर्षि वाल्मीकि जी का आर्शीवाद भी प्राप्त किया। सभा के पदाधिकारियों ने मुख्यअतिथि का यहां पहुंचने पर भव्य अभिन्नदन किया और धर्मशालाओं के विस्तार के लिए जो राशि दी गई है उसके लिए उनका धन्यवाद किया।

*तोपखाना में 10 लाख व बब्याल में वाल्मीकि मंदिर सभा को 12 लाख स्वैच्छिक कोष से प्रदान किए*

इस अवसर पर मंत्री अनिल विज ने तोपखाना बाजार में 22 लाख रूपए की लागत से बनाई गई वाल्मीकि धर्मशाला का उद्घाटन अपने कर-कमलों से किया और धर्मशाला के विस्तार एवं गतिविधियों के लिए 10 लाख रूपए स्वैच्छिक कोष से देने की घोषणा की। इसके साथ-साथ उन्होनें बब्याल में भी अम्बेडकर धर्मशाला के विस्तार के लिए 12 लाख रूपए देने की घोषणा की। 

दोनों जगहों पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री अनिल विज के पहुंचने पर सभा के पदाधिकारियों व सदस्यगणों ने फुल-माला पहनाकर, स्मृति चिन्ह, शॉल व सिरोपा भेंटकर उनका भव्य अभिन्नदन किया।वहीं, देर शाम ऊर्जा मंत्री अनिल विज देर शाम बीडी फ्लोर मील के निकट आयोजित भगवान वाल्मीकि शोभायात्रा में शामिल हुए। इसके उपरांत गांव टुंडला व रेलवे कालोनी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।  

इस मौके पर नगर परिषद् के उपाध्यक्ष ललिता प्रसाद, वाल्मीकि सभा के पदाधिकारी अश्विनी कुमार, प्रधान नन्द लाल, चेयरमेन भगत राम, राज कुमार राजा, मोहन लाल बग्गन, मदन लाल शर्मा, संजय कुमार, राजा राम, रवि, मोहन लाल बोबी, लक्ष्मी देवी, राज कुमार मटटू, राज कुमार बोह, भाजपा पदाधिकारी किरण पाल चौहान, संजीव अत्री, संजीव सोनी, दीपक भसीन, रवि बुद्धिराजा, नरेन्द्र राणा, आषिमा, अनिल वालिया के साथ-साथ सभा के अन्य पदाधिकारीगण व गणमान्य लोग मौजूद रहें।