अनिल ठाकुर ने एस ए एस नगर ज़िले के व्यापारियों और उद्योगपतियों की समस्याएँ सुनीं
कहा, भगवंत सिंह मान सरकार व्यापारियों और उद्योगपतियों के लिए सकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास कर रही है
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साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर 27-Oct-2025
मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा 'आप दी सरकार आप दे द्वार' अभियान के तहत, पंजाब राज्य व्यापारी आयोग के अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने आज मोहाली स्थित आबकारी भवन में साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर ज़िले के व्यापारियों और उद्योगपतियों के साथ बैठक की और उनकी समस्याएँ सुनीं। इस अवसर पर पंजाब राज्य व्यापारी आयोग के सदस्य विनीत वर्मा और आप पंजाब व्यापार विंग के सचिव रणजीत पाल सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर व्यापारियों और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि मंत्रिमंडल ने पुराने मामलों के बोझ को कम करने और उद्योग एवं व्यवसायों के लिए नियमों के अनुपालन को बढ़ाने हेतु बकाया राशि की वसूली हेतु पंजाब सरकार द्वारा 'यक मुश्त निपटारा' (एकमुश्त निपटान) योजना 2025 (ओटीएस) शुरू करने को भी मंजूरी दे दी है। यह योजना 1 अक्टूबर, 2025 से लागू हो चुकी है और 31 दिसंबर, 2025 तक लागू रहेगी।
जिन करदाताओं का मूल्यांकन 30 सितंबर, 2025 तक किया जा चुका है और संबंधित अधिनियम(ओं) के तहत विभाग द्वारा 30 सितंबर, 2025 तक मूल्यांकन आदेशों में सभी सुधार/संशोधन पारित किए गए हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। पंजाब सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1948, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956, पंजाब अवसंरचना विकास एवं विनियमन अधिनियम, 2002 और पंजाब वैट अधिनियम, 2005, पंजाब मनोरंजन शुल्क अधिनियम, 1955 और पंजाब मनोरंजन कर सिनेमैटोग्राफी शो अधिनियम, 1954 के तहत पंजीकृत व्यक्ति इस योजना के अंतर्गत निपटान हेतु आवेदन करने के पात्र होंगे।
उन्होंने बताया कि इस ओ टी एस योजना के अंतर्गत, जिन मामलों में कर राशि 1 करोड़ रुपये तक है, उनमें ब्याज में 100 प्रतिशत छूट, जुर्माने में 100 प्रतिशत छूट और कर राशि में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी, जबकि 1 करोड़ रुपये से 25 करोड़ रुपये तक की बकाया कर राशि पर ब्याज में 100 प्रतिशत छूट, जुर्माने में 100 प्रतिशत छूट और कर राशि में 25 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
जिन मामलों में कर राशि 25 करोड़ रुपये से अधिक है, उनमें ब्याज में 100 प्रतिशत छूट, जुर्माने में 100 प्रतिशत छूट और कर राशि में 10 प्रतिशत छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वे हर जिले में जाकर व्यापारियों और उद्योगपतियों की समस्याओं को सुन रहे हैं ताकि उनका सरकारी स्तर पर समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे व्यापारियों और उद्योगों को बिना वजह परेशान न करें। उन्होंने यह भी अपील की कि सामान की बिक्री के समय पक्का बिल अवश्य दिया जाए। उन्होंने कहा कि 'बिल लाओ, इनाम पाओ' योजना को पुनः सक्रिय कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मेरा बिल ऐप पर बिल लोड करने वाले व्यक्ति को लकी ड्रा में शामिल करने से राज्य में बिल भुगतान का चलन बढ़ा है। अध्यक्ष ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर आयोग और विभाग राज्य में व्यापारियों और उद्योगपतियों को एक सकारात्मक और सहज वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर उन्होंने राज्य जी एस टी में उपस्थित अधिकारियों से व्यापारियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का तुरंत समाधान करने और उनकी बात सुनने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री द्वारा किए गए वादों के अनुसार पहले उद्योगपतियों और अब व्यापारियों से मिलकर उन्हें राज्य में एक सहज वातावरण प्रदान किया जा रहा है और उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
व्यापारियों ने भी चेयरमैन का धन्यवाद किया और कहा कि इस साल दिवाली के मौके पर उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा, वे सरकार की नीतियों से बेहद खुश हैं। चेयरमैन ठाकुर ने कहा कि सरकार और उसके सभी विभाग व्यापारियों की सभी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत हैं और अगर किसी व्यापारी को कोई समस्या आती है, तो वह उनसे संपर्क कर सकता है।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य विनीत वर्मा और आप के ट्रेड विंग के स्टेट सचिव रणजीत पाल सिंह ने कहा कि कुछ शराब ठेकेदारों ने एक सिंडिकेट बना रखा है। सिंडिकेट का सरकार द्वारा कोई प्रमाणीकरण नहीं है, अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब में पहली बार कोई सरकार लोगों के घर-घर जाकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित पक्षों से सुझाव मांगने जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार, आयोग और बोर्ड उनके हर सुझाव को गंभीरता से लेंगे ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त मनमोहन सिंह, सेल्स टेक्स अफसर अमनदीप सिंह, अनुपम, भावना के अतिरिक्त मोहाली इंडस्ट्री एसोसिएशन, मोहाली ट्रेडर्स एसोसिएशन सहित विभिन्न व्यापारिक एसोसिएशनों और औद्योगिक एसोसिएशनों के पदाधिकारी उपस्थित थे और उन्होंने विभिन्न सुझाव और समस्याएं रखीं।