5 Dariya News

सलेमपर सेखां गाँव में संत बाबा दया सिंह जी की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई

'मेरी दस्तार मेरी शान' अभियान के अंतर्गत युवा अकाली दल द्वारा पगड़ी शिविर का आयोजन: झिंझर

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पटियाला 08-Oct-2025

पटियाला ज़िले के सलेमपर सेखां गाँव में संत बाबा दया सिंह जी की वार्षिक पुण्यतिथि हमेशा की तरह धार्मिक श्रद्धा और धूमधाम से मनाई गई। इस पावन अवसर पर युवा अकाली दल के अध्यक्ष एवं कोर कमेटी सदस्य सरबजीत सिंह झिंझर और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर पूज्य संत जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस दौरान, शिरोमणि अकाली दल, हलका घनौर की युवा शाखा द्वारा सरबजीत सिंह झिंझर के नेतृत्व में 'मेरी दस्तार मेरी शान' अभियान के अंतर्गत एक विशेष पगड़ी शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं और बच्चों को गुरुओं द्वारा प्रदत्त पगड़ी से जोड़ना और उनमें सिख धर्म के प्रति जागरूकता पैदा करना था।

इस अवसर पर अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंझर ने यूथ विंग और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल युवा पीढ़ी तक सिख धर्म का प्रकाश पहुँचाने का एक सराहनीय प्रयास है। सरबजीत सिंह झिंझर ने कहा कि गुरु साहिब की कृपा से यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। 

उन्होंने कहा कि यूथ अकाली दल सिख समुदाय के इतिहास, विरासत और स्वाभिमान की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से प्रतिबद्ध है। ये पहल युवाओं तक सिख धर्म की सच्ची भावना पहुँचाने का एक प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पगड़ी हमारी पहचान, हमारा गौरव और गुरुओं से प्राप्त एक अमूल्य उपहार है, जिसकी रक्षा और सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। 

इन शिविरों के माध्यम से युवाओं में अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान वापस लाने के लिए जागरूकता फैलाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि तरनतारन में बाबा बुड्ढा साहिब जी के जोड़ मेले के दौरान 'मेरी दस्तार मेरी शान' मुहिम के तहत बड़े पैमाने पर पगड़ी कैंप लगाया गया था।

अंत में, झिंजर ने कहा कि उन्हें गर्व है कि शिरोमणि अकाली दल एकमात्र ऐसा राजनीतिक दल है जो सिख धर्म के हितों के लिए निरंतर और लगन से काम कर रहा है और इसके कार्यकर्ता सच्चे दिल से सिख पंथ के प्रति समर्पित हैं। इसी वजह से 'मेरी दस्तार मेरी शान' जैसे कई कैंप सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं।

इस अवसर पर हलका अध्यक्ष गुरजिंदर सिंह कबूलपुर, सुखजैन सिंह मेंदरिनपुर, बलविंदर सिंह सलेमपुर, काला सलेमपुर, जगतार सिंह सलेमपुर मौजूद थे।