‘महाभारत’ फेम सौरभ राज जैन ने चितकारा यूनिवर्सिटी के बी.एड. विद्यार्थियों को किया प्रेरित
बोले – “शिक्षा का अर्थ केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि सोच को जगाना भी है”
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राजपुरा 21-Sep-2025
चितकारा यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन द्वारा बी.एड. विद्यार्थियों के लिए एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता सौरभ राज जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने अपने विचार साझा कर भविष्य के शिक्षकों को प्रोत्साहित और प्रेरित किया।
सौरभ राज जैन भारतीय टेलीविजन जगत में अपनी विविध भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं। उन्हें सर्वाधिक लोकप्रियता टेली-सीरियल ‘महाभारत’ में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका से मिली, जिसके लिए उन्हें “सर्वश्रेष्ठ अभिनेता” का सम्मान भी प्राप्त हुआ।
उन्होंने ‘महाकाली’ में भगवान शिव और ‘चंद्रगुप्त मौर्य’ में खलनायक की भूमिका निभाकर दर्शकों का दिल जीता। वे जल्द ही एक फिल्म में छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में नज़र आएंगे। “स्वयं विचार कीजिए” विषय पर आधारित इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ चितकारा यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. अशोक के. चितकारा के स्वागत उद्बोधन “गोल्डन नगेट्स” से हुआ।
तत्पश्चात प्रो-चांसलर डॉ. मधु चितकारा ने शिक्षकों की बदलती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा: “शिक्षकों को चाहिए कि वे बदलते शैक्षिक परिदृश्य और डिजिटल पीढ़ी की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को नवीनतम तरीकों से सुसज्जित रखें। चितकारा यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को वह ज्ञान और कौशल प्रदान करती है, जिससे वे शिक्षा जगत में सार्थक परिवर्तन ला सकें।”
अपने संबोधन में सौरभ राज जैन ने कहा: “शिक्षा केवल किसी विषय को पढ़ाने तक सीमित नहीं है। यह व्यक्तित्व, रचनात्मकता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता के विकास की प्रक्रिया है। कला, रंगमंच और संवाद ऐसे प्रभावी माध्यम हैं, जिनके द्वारा विद्यार्थियों का संतुलित और समग्र विकास संभव है। भावी शिक्षक के रूप में आपके पास प्रत्येक कक्षा में बदलाव की प्रेरणा देने की क्षमता है।”
यूजीसी के “दीक्षारंभ” कार्यक्रम के अनुरूप आयोजित इस ओरिएंटेशन में विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संस्कृति, कार्यप्रणाली और बी.एड. पाठ्यक्रम के 12 शैक्षणिक मॉड्यूल से परिचित कराया गया। सौरभ राज जैन के साथ हुई संवादात्मक चर्चाओं ने कार्यक्रम को प्रेरक और ज्ञानवर्धक बना दिया।
विद्यार्थियों ने इस अवसर को अपनी बी.एड. यात्रा की प्रेरणादायक शुरुआत बताया और गहरी संतुष्टि व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन सफलतापूर्वक हुआ, जिससे शिक्षक-शिक्षा के क्षेत्र में चितकारा यूनिवर्सिटी की अग्रणी भूमिका और सुदृढ़ हुई।