5 Dariya News

अटल डुल्लू ने नर्सिंग शिक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया

इसे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ बताया

5 Dariya News

श्रीनगर 19-Sep-2025

मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्र शासित प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता और मानकों की व्यापक समीक्षा की तथा कहा कि नर्सिंग स्वास्थ्य सेवा तंत्र की रीढ़ है। बैठक में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव, जीएमसी जम्मू एवं श्रीनगर के प्राचार्य, जम्मू-कश्मीर एलाइड एंड हेल्थकेयर काउंसिल की अध्यक्षा, जेके नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार, नर्सिंग महाविद्यालयों के प्राचार्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने हाल ही में स्थापित नर्सिंग महाविद्यालयों के प्रस्तावित पाठ्यक्रमों और विद्यार्थियों के नामांकन का जायज़ा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रमों को क्रमिक रूप से डिग्री और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में उन्नत किया जाए, जिससे नर्सिंग क्षेत्र में उन्नत क्षमताओं का निर्माण हो सके।

उन्होंने सोपोर, कुलगाम, शोपियां और बडगाम में नर्सिंग महाविद्यालयों के शीघ्र पूर्णता और क्रियान्वयन के निर्देश दिए, साथ ही उन जिलों में भी ऐसे कॉलेज खोलने की संभावना तलाशने को कहा जो अब तक वंचित हैं। मुख्य सचिव ने यह भी बल दिया कि पुराने और अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों को चरणबद्ध रूप से समाप्त किया जाए और उभरती स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जाए।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में केवल योग्यतम संकाय को ही नियुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने नर्सिंग कॉलेजों के लिए भर्ती नियम बनाने, रिक्तियों को भर्ती एजेंसियों के माध्यम से भरने और जहाँ आवश्यक हो वहाँ पद सृजित करने पर बल दिया ताकि शिक्षण और प्रशिक्षण के मानकों में कोई समझौता न हो।

हाल ही में गठित जम्मू-कश्मीर राज्य एलाइड एंड हेल्थकेयर काउंसिल की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि इसे पर्याप्त मानव संसाधन और ठोस निगरानी व्यवस्था के साथ और मज़बूत किया जाए, ताकि राष्ट्रीय एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशंस आयोग के दिशा-निर्देशों और संस्थागत तत्परता की चेकलिस्ट के अनुरूप काम सुनिश्चित हो सके।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव डॉ. सैयद आबिद राशिद शाह ने प्रस्तुति देते हुए बताया कि नर्सिंग शिक्षा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले वर्ष में ही 360 नई बी.एससी नर्सिंग सीटें, 80 पोस्ट बेसिक बी.एससी नर्सिंग सीटें और 25 एम.एससी नर्सिंग सीटें जोड़ी गई हैं। 

उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से नर्सिंग कॉलेज जम्मू में 60 अतिरिक्त पोस्ट बेसिक बी.एससी नर्सिंग सीटें भी उपलब्ध होंगी। बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में लगभग 50 नर्सिंग कॉलेज हैं जिनकी कुल प्रवेश क्षमता 3,040 सीटों की है। 

इसके अलावा, 8 संस्थान 233 एम.एससी नर्सिंग सीटें, 14 संस्थान 805 पोस्ट बेसिक बी.एससी नर्सिंग सीटें प्रदान कर रहे हैं, जबकि अनेक संस्थाएँ सामूहिक रूप से 5,600 से अधिक जीएनएम, 5,200 एफएमपीएचडब्ल्यू और 2,300 एमएमपीएचडब्ल्यू छात्रों को शिक्षा दे रही हैं।

रजिस्ट्रार जेके नर्सिंग काउंसिल डॉ. संदीप सिंह ने अवगत कराया कि 14,738 छात्र-छात्राओं की पैरामेडिकल परीक्षाएँ सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 28 नए फार्मेसी संस्थानों को मान्यता दी गई है जिनमें 1,800 सीटों के साथ डिप्लोमा इन फार्मेसी शुरू किया गया है, जो अब दवा लाइसेंस पाने के लिए अनिवार्य योग्यता है।

जेके ए एंड एचसीसी की अध्यक्षा डॉ. सभिया माजिद ने एनसीएएचपी अधिनियम 2021 के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी, जिसे माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि एनसीएएचपी और राज्य परिषदें एलाइड एवं हेल्थकेयर शिक्षा और सेवाओं के विनियमन व मानक निर्धारण, संस्थानों का आकलन, पेशेवरों के केंद्रीय और राज्य रजिस्टर का संधारण तथा नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति और शोध के प्रोत्साहन की जिम्मेदारी निभाती हैं।

उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में 10 मान्यता प्राप्त श्रेणियों में फैले 57 व्यवसाय इसके अंतर्गत आते हैं तथा इसका दायरा और आगे बढ़ेगा ताकि एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की गुणवत्ता, गरिमा और पहचान को पूरे देश में बनाए रखा जा सके। सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि नर्सिंग शिक्षा और संबद्ध स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों का सुदृढ़ीकरण रोगी देखभाल को बेहतर बनाने, बढ़ती स्वास्थ्य मांगों को पूरा करने और जम्मू-कश्मीर के लोगों की सेवा के लिए एक दक्ष कार्यबल तैयार करने हेतु अत्यंत आवश्यक है।