नितिन गडकरी, उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात बहाली की समीक्षा की
मुख्यमंत्री ने संकट कम करने हेतु फल लदे ट्रकों के निर्बाध आवागमन पर बल दिया
5 Dariya News
श्रीनगर 16-Sep-2025
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च-स्तरीय वर्चुअल बैठक में भाग लिया जिसमें श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग की बहाली की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजमार्ग के लंबे समय तक बंद रहने से फलों के उत्पादकों और व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और उन्होंने केंद्रीय मंत्री से भारी वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि सड़क की ब्लैकटॉपिंग और रखरखाव ज़रूरी है, लेकिन यह आवश्यक यातायात की लंबी बाधा की कीमत पर नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहाः “ब्लैकटॉपिंग अपने समय पर हो सकती है, लेकिन बड़े वाहन, विशेषकर 4-एक्सल और 5-एक्सल ट्रक, मुगल रोड से नहीं मोड़े जा सकते।
यही उनके लिए उपलब्ध एकमात्र मार्ग है और केवल कश्मीर की ओर ही बड़ी संख्या में ट्रक फंसे हुए हैं, इसलिए इस बैकलॉग को साफ करना बेहद महत्वपूर्ण है।“ उन्होंने आगे कहा कि इस समय फल का मौसम चरम पर है और परिवहन में और देरी से उत्पादकों और व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने ज़ोर दिया कि छोटे वाहनों को भले ही मार्गांतरित किया जा सके, लेकिन श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) भारी वाहनों के लिए तब तक खुला रहना चाहिए जब तक सभी फंसे हुए वाहन पार नहीं हो जाते। उन्होंने कहा कि ब्लैकटॉपिंग का काम तभी शुरू किया जाना चाहिए जब दोनों ओर का बैकलॉग पूरी तरह समाप्त हो जाए।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि उनकी चिंताओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रकों और अन्य भारी वाहनों के बैकलॉग को प्राथमिकता के आधार पर साफ किया जाएगा, उसके बाद ही ब्लैकटॉपिंग का काम फिर से शुरू होगा।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को राजमार्ग पर अनुशासित लेन व्यवस्था बनाए रखने और सुचारू ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कल, कृषि मंत्री जावेद डार ने राष्ट्रीय राजमार्ग का दौरा कर जमीनी हालात का प्रत्यक्ष आकलन किया और बाद में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को सड़क की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने एनएच-44 पर बाधाओं और देश के बाकी हिस्सों से महत्वपूर्ण संपर्क टूटने को गंभीरता से लिया और इस मुद्दे की तात्कालिकता से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री के टेलीफोनिक अनुरोध के बाद समीक्षा बैठक बुलाई गई।
बैठक में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चैधरी, मंत्री सकीना इत्तू, जावेद राणा, जावेद डार और सतीश शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, साथ ही एनएचएआई, एनएचआईडीसीएल और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष और वर्चुअल दोनों रूप में उपस्थित थे।