5 Dariya News

अंधेरी जिंदगी में नया उजाला भरता है नेत्रदान : डॉ. रवजोत सिंह

जीवन के बाद भी समाज से जुड़े रहने का माध्यम है नेत्रदान : विधायक जिम्पा

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होशियारपुर 07-Sep-2025

नेत्र दान एसोसिएशन, होशियारपुर की ओर से 40वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मॉडल टाऊन क्लब में उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर नेत्रदान करने वाले परिवारों को सम्मानित कर समाज को प्रेरणादायक संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने शिरकत की। 

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नेत्रदान सबसे बड़ा दान है क्योंकि यह किसी जरूरतमंद व्यक्ति की अंधेरी जिंदगी को रोशनी में बदल देता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवनकाल में कई अच्छे कार्य करता है, लेकिन मृत्यु के उपरांत नेत्रदान करके भी समाज की सेवा की जा सकती है। डॉ. रवजोत ने लोगों से आह्वान किया कि वे इस अभियान से जुड़ें और इसे घर-घर तक पहुंचाने में सहयोग दें।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक ब्रम शंकर जिम्पा ने कहा कि नेत्रदान केवल एक सेवा ही नहीं बल्कि यह जीवन के बाद भी समाज से जुड़े रहने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि होशियारपुर के लोगों ने हमेशा समाज सेवा की मिसाल कायम की है और नेत्रदान के इस अभियान को और अधिक गति देने की आवश्यकता है। 

विधायक जिम्पा ने नेत्र दान एसोसिएशन के पदाधिकारियों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। विशिष्ट अतिथि डॉ. सीमा गर्ग, एग्जीक्यूटिव सिविल सर्जन, होशियारपुर ने कहा कि नेत्रदान के महत्व को समझना आज की आवश्यकता है और इसके लिए हर वर्ग को जागरूक होना चाहिए।

एसोसिएशन के महासचिव बलजीत सिंह पनेसर ने इस दौरान संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी और संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों को उजागर किया। नेत्रदान एसोसिएशन के संरक्षक प्रो. बहादुर सिंह सुनेत ने बताया कि उनकी संस्था लगातार लोगों की जिंदगी को रोशन करने के लिए काम कर रही है। 

इस दौरान उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने हजारों नेत्रहीनों को नई रोशनी दी है और होशियारपुर का नाम देशभर में गौरवान्वित किया है।कार्यक्रम के दौरान यह संकल्प लिया गया कि संस्था भविष्य में भी नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष अभियान और कार्यशालाएं आयोजित करती रहेगी।

इस अवसर पर संरक्षक प्रो. बहादुर सिंह सुनेत, अध्यक्ष सुरेश कपाटिया, महासचिव बलजीत सिंह पनेसर, गुरपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह, हरविंदर सिंह, संतोष सैनी, प्रेम सैनी, मास्टर महिंदर सिंह, हरभजन सिंह, हरबंस सिंह, बहादुर सिंह सिद्धू, डॉ. किशोरी लाल, एस.पी. शर्मा, जतिंदर कौर, सुरजन नैन कौर, लखविंदर कौर, कंचन देयोल के अलावा अन्य गणमान्य भी मौजूद थे।