5 Dariya News

निधि मलिक ने राहत और राशन वितरण को प्राथमिकता देने पर दिया जोर

महत्वपूर्ण सड़कों की बहाली कार्यों की समीक्षा की

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रियासी 07-Sep-2025

जिला मजिस्ट्रेट रियासी निधि मलिक, जो कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की चेयरपर्सन भी हैं, ने जिले में बहाली कार्यों की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा का फोकस सड़कों की कनेक्टिविटी, बिजली और पानी की आपूर्ति बहाली, राशन उपलब्धता और कटरा, महौर एवं धरमरी उपमंडलों में राहत वितरण पर रहा।

जिला मजिस्ट्रेट ने एसडीएम को निर्देश दिया कि भूस्खलन प्रवण सड़कों को केवल पूरी तरह साफ़ किए जाने और अनुकूल मौसम परिस्थितियों के बाद ही यातायात के लिए खोला जाए, क्योंकि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने आवश्यकतानुसार वैकल्पिक मार्ग तलाशने पर भी जोर दिया ताकि आवश्यक संपर्क बनाए रखा जा सके।

समय पर राहत सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिया कि राहत सामग्री जैसे तंबू, गद्दे और कंबल तुरंत वितरित की जाए और यह वितरण आवश्यकता-आधारित होकर सबसे अधिक प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता दे।

महौर उपमंडल में पीएमजीएसवाई और पीडब्ल्यूडी सड़कों की बहाली पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने एक्सईएन को अरनास चिल्लाड़ रोड, धमिनी देवल रोड, सदगु बरियोट रोड तथा छसन ब्लॉक की डंगकोट और बगनकोट सड़कों से भूस्खलन का मलबा तुरंत हटाने के निर्देश दिए ताकि आवश्यक सामग्री बिना देरी के दूरदराज़ क्षेत्रों तक पहुँच सके। 

डिपो स्टेशनों तक जाने वाली सड़कों की सफाई पर भी बल दिया गया ताकि आपूर्ति श्रृंखला निरंतर बनी रहे और कमी न हो। डीएम ने एसडीएम दरमाड़ी के साथ अरनास सवालकोट लिंकेज के मुद्दे पर चर्चा की और बताया कि यह मामला रेलवे अधिकारियों के साथ उठाया जा चुका है ताकि लोगों और आपूर्ति के लिए कनेक्टिविटी मजबूत की जा सके। एसडीएम महौर को निर्देश दिया गया कि राहत शिविरों को सभी आवश्यक सुविधाओं से लैस किया जाए।

एक्सईएन ने जीआरईएफ कार्यों से निकले मलबे को सड़कों पर फेंकने की समस्या उठाई, जिससे सफाई के बाद भी बार-बार रुकावटें आ जाती हैं। इस पर डीएम ने आश्वासन दिया कि मामला उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा और आज ही जीआरईएफ अधिकारियों व महौर प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी।

डीएम ने जल और बिजली आपूर्ति की बहाली की स्थिति की भी समीक्षा की। एक्सईएन पीएचई को निर्देश दिया गया कि सभी जल योजनाएँ कम से कम आंशिक रूप से कार्यशील की जाएँ, वहीं पीडीडी को विशेषकर दूरदराज़ के इलाकों में बिजली बहाली में तेजी लाने का आदेश दिया गया।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने कृषि, बागवानी, भेड़ पालन और पशुपालन क्षेत्रों में हुए नुकसान के आकलन की प्रगति की जांच की और विभागों को निर्देश दिया कि एसडीएम के माध्यम से यह प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके।

जिला मजिस्ट्रेट ने जोर देकर कहा कि सभी लाइन विभागों को आपसी समन्वय में काम करना चाहिए ताकि सामान्य स्थिति बहाल हो सके और आवश्यक सेवाएँ एवं राहत प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर पहुँच सके। इस अवसर पर एडीसी रियासी राकेश कुमार, सीपीओ नरेंद्र कुमार, एसीआर, एसडीएम, एक्सईएन तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।