नरेंद्र मोदी की सोच देश की विधायी संस्थाएं हों सशक्त: हरविन्द्र कल्याण
करनाल में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 53वीं वार्षिक साधारण सभा की बैठक में पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष*
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करनाल 03-Sep-2025
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण ने करनाल में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि विधायी संस्थाएं सशक्त हों। इसके लिए आमजन की इन विधायी संस्थाओं के प्रति जागरूकता होनी चाहिए।
श्री हरविन्द्र कल्याण ने करनाल में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 53वीं वार्षिक साधारण सभा की बैठक के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने बजट सत्र में यह घोषणा की कि लोकसभा से जो भी विषय आएंगे, हरियाणा विधानसभा उसे आगे बढ़ाने का कार्य करेगी, इसमें हरियाणा सरकार पूरा सहयोग करेगी।
उन्होंने करनाल की मेयर रेनू बाला गुप्ता के महापौर परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर बधाई भी दी।
74वें संशोधन पर कुछ राज्यों में काम हुआ शुरू
श्री हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि इस दो दिवसीय बैठक में नए-नए प्रोजेक्ट, नई-नई व्यवस्थाओं और बेहतर कार्यों पर चर्चा की गई है। संविधान के 74वें संशोधन की बात यहां की गई, कुछ राज्यों में इसकी शुरुआत हो गई है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री के रूप में हरियाणा को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया।
हरियाणा में उन्होंने व्यवस्थाओं को बदला और मजबूत किया। थ्री-टियर सिस्टम मजबूत हो, इसके लिए काम किया। मेयर के सीधे चुनाव, पढ़ी लिखी पंचायतें आदि के फैसले लिए। इन फैसलों ने भारतवर्ष को रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि विधायी संस्थाएं मजबूत हों।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हम वन नेशन-वन म्युनिसिपालिटी की बात करते हैं। यह कॉमन प्लेटफॉर्म की कल्पना है। देश में कितने राज्य हैं, कितने शहर हैं। असम में क्या अच्छा कार्य हो रहा है, उसकी जानकारी हरियाणा को होनी चाहिए। इसी तरह हरियाणा में क्या अच्छा कार्य हो रहा है, इसकी जानकारी दूसरे राज्यों को होनी चाहिए।
हम एक-दूसरे के सहयोग से, एक दूसरे से नवाचार सीखते हुए, लोकहित को साधने का काम करें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व्यवस्था सुधार के लिए वन नेशन-वन इलेक्शन की बात कर रहे हैं। इससे धन की बर्बादी रुकेगी, चुनाव की वजह से आचार संहिता लगती है और विकास कार्य रूकते हैं, इनमें सुधार होगा।
वन नेशन-वन टैक्स के रूप में जीएसटी दिया। प्रधानमंत्री ने वन नेशन- वन लेजिस्लेशन के लिए भी सभी राज्यों से आह्वान किया। उन्होंने व्यवस्था को सुदृढ़ करने और समाज को मजबूत करने व सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए यह कदम उठाए।