जावेद अहमद राणा ने बाढ़ प्रभावित जम्मू में जलापूर्ति बहाली की समीक्षा की
“बाढ़ प्रभावित जलापूर्ति व्यवस्था को बहाल करने के लिए तेज़ी से प्रयास जारी“
5 Dariya News
जम्मू 30-Aug-2025
जम्मू के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के एक सक्रिय प्रयास के तहत, जल शक्ति, वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण तथा जनजातीय मामलों के मंत्री जावेद अहमद राणा ने प्रमुख अधिकारियों, विधायकों और जिला प्रमुखों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य हाल ही में आई बाढ़ के बाद बाधित हुई जलापूर्ति सेवाओं की बहाली का आकलन और उसमें तेज़ी लाना था। बैठक में जिला विकास आयुक्त अध्यक्ष भारत भूषण, विधायक चैधरी विक्रम रंधावा, अरविंद गुप्ता, शाम लाल शर्मा, डॉ. नरिंदर सिंह, के साथ-साथ जम्मू के उपायुक्त, जम्मू नगर निगम के आयुक्त, आईएंडएफसी, जल शक्ति और यूईईडी जम्मू के मुख्य अभियंताओं के साथ-साथ अधीक्षण अभियंताओं और कार्यकारी अभियंताओं सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
सत्र के दौरान, मंत्री को चल रहे पुनस्र्थापन प्रयासों, अब तक हुई प्रगति, सामने आई चुनौतियों और राहत कार्यों में तेजी लाने तथा सामान्य जल आपूर्ति बहाल करने के लिए लागू किए जा रहे उपायों के बारे में जानकारी दी गई। राणा ने विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया, ताकि निवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
मंत्री ने उन क्षेत्रों में तुरंत पानी के टैंकर तैनात करने के निर्देश दिए जहाँ पानी की आपूर्ति गंभीर रूप से बाधित हुई है। उन्होंने मौजूदा टैंकरों के बेड़े को बढ़ाने और निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अंतरिम आधार पर निजी पानी के टैंकरों का उपयोग करने की भी सिफारिश की।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने उन क्षेत्रों में दमकल गाड़ियों के इस्तेमाल का प्रस्ताव रखा जहाँ टैंकर नहीं पहुँच पा रहे थे ताकि प्रभावित समुदायों को पानी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। पुनस्र्थापना प्रयासों को सुव्यवस्थित करने के लिए, मंत्री राणा ने विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और बहाली कार्य को समय पर पूरा करने के लिए एक समर्पित नोडल अधिकारी की नियुक्ति का निर्देश दिया।
इसके अलावा, उन्होंने मुख्य अभियंता को बहाली कार्यों के वितरण की निगरानी करने और बहाली प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जनशक्ति को युक्तिसंगत बनाने का निर्देश दिया। बैठक में उपस्थित विधायकों ने अपने निर्वाचन क्षेत्र-विशिष्ट चुनौतियों पर प्रकाश डाला और बहाली की गति को तेज़ करने का आग्रह किया।
उन्होंने उन क्षेत्रों का उल्लेख किया जहाँ जल आपूर्ति गंभीर रूप से बाधित हुई है और तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया। जवाब में, मंत्री ने विधायकों को आश्वासन दिया कि उनकी चिंताएँ सरकार के लिए प्राथमिकता हैं। उन्होंने उन्हें यह भी आश्वस्त किया कि समस्याओं के समाधान और बहाली प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कई उपाय पहले से ही किए जा रहे हैं।
राणा को बताया गया कि शीतली में जलापूर्ति योजना का जीर्णोद्धार कार्य वर्तमान में दोहरी षिफ्ट में चल रहा है और पाँच दिनों के भीतर पूरी तरह से बहाल हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, विद्युत विकास विभाग को जल शक्ति विभाग द्वारा चिन्हित समर्पित फीडर लाइनों को तुरंत बहाल करने का निर्देश दिया गया है, जो प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति बहाल करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
शहरी पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग को बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहयोग से संबंधित विधायक के साथ मिलकर नालों के निर्माण और बाढ़ से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की बहाली के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार करने का काम सौंपा गया है। यह योजना यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में किसी भी प्रकार की बाधा को रोकने के लिए जलापूर्ति के बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ और दीर्घकालिक रूप से बहाल किया जाए।
इससे पहले, मंत्री ने जनता की शिकायतें सुनने के लिए जम्मू के बठिंडी हाइट्स का दौरा किया। पूर्व विधायक टी.एस. टोनी और जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ, राणा ने निवासियों को आश्वस्त किया कि सरकार पेयजल की निर्बाध पहुँच सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राणा ने ज़ोर देकर कहा कि नागरिकों को, विशेष रूप से बाढ़ के बाद, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि बाढ़ प्रभावित जल आपूर्ति ढाँचे को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। सरकार शीघ्र बहाली पर केंद्रित है और सभी हितधारकों के सहयोग से, इसका लक्ष्य प्रभावित क्षेत्रों में यथाशीघ्र सामान्य स्थिति बहाल करना है।