5 Dariya News

सीयू पंजाब के अध्यापकों ने कुलपति प्रो. तिवारी को उनके पांच वर्षीय कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय को नई ऊँचाइयों पर ले जाने हेतु आभार व्यक्त किया

कुलपति ने संकाय सदस्यों का आह्वान किया कि वे समर्पण के साथ कार्य करें ताकि वर्तमान वर्ष में सीयू पंजाब एनआईआरएफ रैंकिंग में शीर्ष 50 विश्वविद्यालयों में स्थान सुनिश्चित कर सके

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बठिंडा 23-Aug-2025

पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयू पंजाब) में कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी के पाँच वर्षीय कार्यकाल की पूर्णता पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं अधिकारियों ने कुलपति प्रो. तिवारी के गतिशील नेतृत्व की सराहना करते हुए पांच वर्षीय कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय को नई ऊँचाइयों पर ले जाने हेतु उनका आभार व्यक्त किया। 

इस अवसर पर सम कुलपति प्रो. किरण हजारिका ने कुलपति प्रो. तिवारी द्वारा विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने हेतु अनुसंधान, नवाचार और मूल्य-आधारित शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उनका आभार प्रकट किया, जिससे विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय प्रतिष्ठा बढ़ी और वैश्विक पहचान की राह प्रशस्त हुई। साथ ही उन्होंने उच्च शिक्षा क्षेत्र में प्रो. तिवारी के महत्वपूर्ण योगदान को भी रेखांकित किया।

वहीं, प्रो. आर.के. वुसुरिका (डीआईए) ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रो. तिवारी के नेतृत्व में सीयू पंजाब ने उल्लेखनीय प्रगति की। वर्ष 2020 से 2025 के बीच शैक्षणिक कार्यक्रम 69 से बढ़कर 100 हो गए और संकाय सदस्यों की संख्या 128 से बढ़कर 201 हो गई। उनके मार्गदर्शन में एकीकृत यूजी और संयुक्त डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए गए और एनईपी 2020 के सुधार सफलतापूर्वक लागू किए गए, जिससे शिक्षा व्यवस्था में लचीलापन और छात्रों के समग्र अधिगम अनुभव को मजबूती मिली।

तदुपरांत, निदेशक आरएंडडी प्रो. अंजना मुंशी ने कहा कि कुलपति प्रो. तिवारी के नेतृत्व में 2020 से 2025 के बीच अनुसंधान कार्य में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। स्कोपस शोधपत्र 4.18 गुना एवं उद्धरण 11.54 गुना बढ़े, जिसके फलस्वरूप एच-इंडेक्स 111 तक पहुँच गया। इसके साथ ही अनुसंधान अनुदान भी ₹63.77 करोड़ से बढ़कर ₹104 करोड़ तक पहुँच गया। उन्होंने नवाचार और उद्यमशीलता की संस्कृति विकसित करने के लिए आई-टीबीआई निधि इनक्यूबेटर ‘सीयूपीआरडीएफ’, डीबीटी ई-युवा सेंटर और एआईसीटीई आइडिया लैब जैसे प्लेटफॉर्म्स की स्थापना का श्रेय भी उन्हें दिया।

इसके बाद प्रो. मोनिषा धीमान (निदेशक, आईक्यूएसी) ने आभार व्यक्त किया कि प्रो. तिवारी के नेतृत्व में सीयू पंजाब ने साल 2023 में नैक से ए प्लस ग्रेड प्राप्त किया, लगातार छह वर्षों तक एनआईआरएफ की शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों की सूची में स्थान बनाए रखा। उन्होंने प्रो. तिवारी द्वारा बठिंडा एवं उत्तर भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग स्थापित करने हेतु गठित कंसोर्टियम की अभिनव पहल को भी रेखांकित किया।

कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. विजय शर्मा ने कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि कुलपति प्रो. तिवारी ने पारदर्शी प्रशासन स्थापित किया और विश्वविद्यालय के 500 एकड़ परिसर को आधुनिक, हरित परिसर में स्थापित किया। उन्होंने कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे के विकास हेतु शुरू की गई नई सुविधाओं जैसे केंद्रीय विद्यालय, प्रस्तावित पुस्तकालय एवं प्रशासनिक भवन, सामुदायिक रेडियो स्टेशन (परीक्षणाधीन) तथा अन्य पाँच नई इमारतों (हाल ही में शिलान्यास) की जानकारी दी।

विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी डॉ. राजकुमार शर्मा ने कुलपति प्रो. तिवारी द्वारा विश्वविद्यालय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए गए पहलकार्यों का उल्लेख किया। इसके अतिरिक्त प्रो. संजीव ठाकुर (डीन स्टूडेंट वेलफेयर), प्रो. विनोद के. गर्ग (पर्यावरण विज्ञान विभाग), प्रो. बावा सिंह (एससीएएस विभाग) और डॉ. रुबल कनोजिया (विभागाध्यक्ष, एमसीएमएस) ने कुलपति को समग्र विकास, छात्र कल्याण और विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए धन्यवाद दिया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी ने बीते पाँच वर्षों में सर्वश्रेष्ठ योगदान देने हेतु विश्वविद्यालय समुदाय का धन्यवाद किया। उन्होंने छठे वर्ष में सीयू पंजाब को एनआईआरएफ की शीर्ष 50 संस्थाओं में स्थान दिलाने का संकल्प साझा किया। इस लक्ष्य को पाने की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उन्होंने सभी शिक्षकों  को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध के साथ-साथ परिणाम आधारित पाठ्यक्रम, छात्र-केंद्रित शिक्षण, निरंतर मूल्यांकन और प्रभावशाली आउटरीच पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आह्वान किया। 

इसके साथ ही उन्होंने भविष्य-उन्मुख कार्यक्रम शुरू करने, छात्रों को नई पीढ़ी के कौशल से सुसज्जित करने और मूल्य-आधारित समग्र शिक्षा प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि युवा विकसित भारत @2047 के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सकें। 

पिछले पाँच वर्षों में कुलपति प्रो. तिवारी के नेतृत्व में सीयू पंजाब की प्रमुख उपलब्धियाँ

राष्ट्रीय रैंकिंग में निरंतर उपलब्धि: लगातार 6 वर्षों तक एनआईआरएफ टॉप 100 विश्वविद्यालयों की सूची में स्थान; 2024 में विश्वविद्यालय श्रेणी में 83वां और फार्मेसी में 23वां स्थान।

साल 2023 में नैक से ‘ए प्लस’ ग्रेड प्राप्त करना।

2025 की राष्ट्रीय रैंकिंग में उल्लेखनीय प्रदर्शन: आईआईआरएफ (केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रेणी) में 7वाँ स्थान, आउटलुक इंडिया आई-केयर (केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रेणी) में 9वाँ स्थान, इंडिया टुडे (सरकारी विश्वविद्यालय श्रेणी) में 26वाँ स्थान और नेचर इंडेक्स में 67वाँ स्थान।

शोध में अभूतपूर्व वृद्धि: स्कोपस शोधपत्र 4.18 गुना, उद्धरण 11.54 गुना, एच-इंडेक्स 2.64 गुना बढ़कर दिनांक 20.08.2025 तक उनकी संख्या 3,978 शोधपत्र, 98,307 उद्धरण और एच-इंडेक्स 111 तक पहुंची।  

अनुसंधान अनुदान में वृद्धि: 2020–21 में ₹63.77 करोड़ से बढ़कर 2024–25 में ₹104 करोड़।

नवाचार और उद्यमशीलता को प्रोत्साहन: आई-टीबीआई निधि इनक्यूबेटर ‘सीयूपीआरडीएफ’, ई-युवा सेंटर, तथा एआईसीटीई आइडिया लैब की स्थापना।

शैक्षणिक सहयोग: बठिंडा एवं उत्तर भारत के उच्च शैक्षणिक संस्थानों का कंसोर्टियम स्थापित करना।

एनईपी 2020 का सफल कार्यान्वयन

विश्वविद्यालय बुनियादी ढाँचा विकास: 2020 में अत्याधुनिक घुद्दा परिसर का उद्घाटन; 2023 में केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत; 2024 में प्रशासनिक भवन व केंद्रीय पुस्तकालय का शिलान्यास; 2025 में ₹201 करोड़ के नए प्रोजेक्ट का शिलान्यास।

आत्मनिर्भरता और हरित पहल: विश्वविद्यालय के लिए भविष्य में राजस्व सृजन करने हेतु 100 एकड़ का किन्नू बागान और वाणिज्यिक पौधरोपण करना।

विशिष्ट व्यक्तित्वों का आगमन: विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह (2025) में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु तथा 9वें दीक्षांत समारोह (2024) में पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल का आगमन।

वैश्विक मान्यता: 2024 में 17 संकाय सदस्य और 1 शोधार्थी स्टैनफोर्ड की शीर्ष वैज्ञानिक सूची में शामिल।

युवा उपलब्धियाँ: 16वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता के विजेता बनकर प्रथम पुरस्कार प्राप्त करना। 

गुणवत्ता प्रमाणन: आईएसओ 9001:2015 (गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली) के लिए प्रमाणीकरण प्राप्त करना।

पुरस्कार: राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2022 (सर्वश्रेष्ठ कैंपस उपयोग) में तीसरा स्थान।

अंतरराष्ट्रीय मान्यता: कुलपति प्रो. तिवारी त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल के दीक्षांत समारोह (2022) में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।