5 Dariya News

निरंकारी मिशन का ‘वननेस वन’ पौधारोपण का कार्यक्रम

हरियाली संग सेवा-समर्पण की सौम्य अभिव्यक्ति

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चंडीगढ़ 17-Aug-2025

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा ‘वननेस वन’ पौधारोपण परियोजना के पांचवें चरण का आयोजन देशभर के 600 से अधिक स्थलों पर पूर्ण श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इसी लड़ी में चंडीगढ़ के सेक्टर 31 में आशादीप बिल्डिंग के समीप के पार्क में भी तथा चंडीगढ़ जोन की कई अन्य ब्रांचों में भी ‘वननेस वन’ पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया ।

सेक्टर 31 के कार्यक्रम में चंडीगढ़ के काउंसलर श्रीमती अंजू कत्याल एवं चंडीगढ़ के जोनल इंचार्ज आदरणीय ओ.पी. निरंकारी जी, संयोजक श्री नवनीत पाठक जी, सभी मुखी महात्मा एवं क्षेत्रीय संचालक महात्मा, सेवादल के अधिकारी तथा अन्य बहिन - भाई काफी संख्या में उपस्थित थे। चंडीगढ़ के जोनल इंचार्ज श्री ओ पी निरंकारी जी ने बताया की चंडीगढ़ जोन में आज लगभग 500 से अधिक पौधे लगाए गए हैं

इसी प्रकार  मोहाली इंडस्ट्रियल एरिया में आयोजित कार्यक्रम में मोहाली ब्रांच एवं टीडीआई ब्रांच के सभी सेवादल भाइयों-बहनों और साधसंगत के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर मोहाली ब्रांच के संयोजक डॉ. जे.के. चीमा जी एवं टीडीआई ब्रांच के मुखी श्री गुरुप्रताप सिंह जी ने सभी सेवादल और साधसंगत सदस्यों का हृदय से धन्यवाद किया और पर्यावरण संरक्षण के इस पावन प्रयास को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

संत निरंकारी मंडल के सचिव, आदरणीय श्री जोगिन्दर सुखीजा जी ने जानकारी सांझा करते हुए बताया कि ‘वननेस वन’ अभियान केवल हरियाली फैलाने की पहल नहीं है, बल्कि यह प्रकृति से जुड़ाव, मानवीय उत्तरदायित्व और सह-अस्तित्व की भावना को सुदृढ़ करने का एक समर्पित प्रयास है। वर्ष 2021 में आरंभ हुआ यह अभियान अब ऐसे हरे-भरे वृक्षों में परिणत हो चुका है, जो लघु वनों का स्वरूप ले चुके हैं। 

इन वनों में प्रवासी पक्षियों की वापसी और जैव विविधता का पुनरुत्थान यह प्रमाणित करता है कि यह प्रयास केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं, बल्कि प्रकृति के पुनर्जीवन का माध्यम भी बन चुका है। ‘वननेस वन’ परियोजना केवल वृक्षारोपण नहीं, यह प्रकृति, सेवा और सह-अस्तित्व का एक जीवंत आंदोलन है। 

यह अभियान भविष्य की पीढ़ियों को हरीतिमा से समृद्ध वातावरण देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। रोपे गए पौधों की देखभाल और संरक्षण का यह संकल्प उन्हें घने, स्वावलंबी वनों में परिवर्तित करने की दिशा में एक ठोस कदम है जिससे आने वाली पीढ़ियाँ भी इस सजीव विरासत से लाभान्वित हों सकेंगी। सतगुरु की छाया में ‘वननेस वन’ का यह अभियान सेवा, समर्पण और प्रकृति प्रेम की वह साधना है, जो पर्यावरण संरक्षण को एक आध्यात्मिक अनुभव में परिवर्तित कर देती है।

निःसंदेह यह अभियान एक स्पष्ट संदेश देता है कि वृक्ष लगाना केवल एक कार्य नहीं अपितु एक संस्कार है। सेवा करना केवल कर्तव्य नहीं, एक साधना है जिसे निरंकारी मिशन बखूबी निभा रहा है।