5 Dariya News

जाविद डार ने वाटरशेड विकास में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आईडब्ल्यूएमपी पोर्टल लॉन्च किया

जल संरक्षण के लिए तकनीक-सक्षम दृष्टिकोण पर ज़ोर

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श्रीनगर 07-Aug-2025

कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, सहकारिता एवं चुनाव विभाग मंत्री जाविद अहमद डार ने श्रीनगर स्थित नागरिक सचिवालय में एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की। इस लॉन्च कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग की आयुक्त/सचिव बबीला रकवाल, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पीयूष सिंगला, आईडब्ल्यूएमपी, जम्मू-कश्मीर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजनीश कुमार और अन्य उपस्थित थे।

इस अवसर पर, मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि आईडब्ल्यूएमपी वेबसाइट का लॉन्च जम्मू-कश्मीर में वाटरशेड विकास में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सहभागिता सुनिश्चित करने के प्रयासों में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल वाटरशेड हस्तक्षेपों पर वास्तविक समय में अपडेट प्राप्त करने में सक्षम होगा, जिससे नागरिक जमीनी स्तर पर प्रगति पर नज़र रख सकेंगे, संसाधनों के उपयोग की निगरानी कर सकेंगे और सुधार के क्षेत्रों की पहचान कर सकेंगे।

डार ने कहा, “तालाबों और जलाशयों के मानचित्रण से लेकर प्रत्येक जलग्रहण क्षेत्र में हस्तक्षेपों का विवरण देने तक, आईडब्ल्यूएमपी पोर्टल जलवायु-अनुकूल विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो दूरस्थ पंचायतों तक भी पहुँचता है।“ मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जम्मू-कश्मीर के वर्षा-सिंचित क्षेत्र भूमि क्षरण और जल संकट के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हैं।

उन्होंने कहा कि नया डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म इन पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों के लिए डिज़ाइन की गई परियोजनाओं की योजना, निगरानी और क्रियान्वयन को मज़बूत बनाने में मदद करेगा। मंत्री ने जल संरक्षण के लिए छोटे जलाशयों के निर्माण के महत्व पर भी ज़ोर दिया और वाटरशेड परियोजनाओं पर नज़र रखने में डिजिटलीकरण की भूमिका को दोहराया।

उन्होंने कहा, “जल संरक्षण बेहद ज़रूरी है और छोटे जलाशयों के निर्माण से काफ़ी फ़र्क़ पड़ सकता है।“ मंत्री ने शासन में सुधार के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। बबीला रकवाल ने डिजिटल प्रगति की सराहना करते हुए इसे “वाटरशेड कार्यक्रमों के क्षेत्रीय स्तर पर कार्यान्वयन में सुधार लाने का एक परिवर्तनकारी उपकरण“ बताया।

सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डॉ. पीयूष सिंगला ने सार्वजनिक सेवा वितरण और अंतर-विभागीय समन्वय को बढ़ाने में सूचना प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने सरकारी वेबसाइटों को गतिशील बनाने के महत्व पर ज़ोर दिया और कहा कि स्थिर वेबसाइटें अक्सर लोगों का ध्यान नहीं खींच पातीं।

रजनीश कुमार ने पोर्टल की विशेषताओं का अवलोकन प्रस्तुत किया और डेटा-संचालित दृष्टिकोणों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके सतत वाटरशेड विकास के लिए विभाग की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि नए लॉन्च किए गए वेब पोर्टल - पूउचण्राण्हवअण्पद- को जलग्रहण विकास परियोजनाओं पर पारदर्शिता, सुगमता और सूचना के वास्तविक समय पर प्रसार को बढ़ावा देने के लिए डब्ल्यूडीसी एंड पीएमकेएसवाई 2.0 योजना के तहत एक मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में डिज़ाइन किया गया है।

यह परियोजना दिशानिर्देशों, प्रगति रिपोर्टों, सफलता की कहानियों आदि तक गतिशील पहुँच प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य साक्ष्य-आधारित नियोजन को बढ़ावा देना और सक्रिय सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि एकीकृत जलग्रहण प्रबंधन कार्यक्रम के तहत वर्तमान में 19 परियोजनाएँ कार्यान्वित की जा रही हैं, जो 69493 हेक्टेयर के विशाल परियोजना क्षेत्र को कवर करती हैं।