सकीना इत्तू ने पुलवामा ज़िला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया
स्वास्थ्य सुविधाओं का आकलन किया, मरीज़ों और तीमारदारों से बातचीत की
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पुलवामा 27-Jul-2025
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने ज़िला अस्पताल पुलवामा का औचक निरीक्षण किया और वहाँ जनता के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य सुविधाओं का मूल्यांकन किया। राजपुरा के विधायक गुलाम मोहिउद्दीन मीर भी इस दौरान मंत्री के साथ थे।
इस अवसर पर, सकीना इत्तू ने अस्पताल के विभिन्न विभागों जैसे आपातकालीन सेवाओं, ओपीडी, प्रसूति एवं शिशु देखभाल इकाइयों, डायग्नोस्टिक लैब और फार्मेसी विंग का व्यापक मूल्यांकन किया। उन्होंने चिकित्सा उपकरणों की कार्यक्षमता, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, साफ़-सफ़ाई और कर्मचारियों की उपस्थिति का जायज़ा लिया।
निरीक्षण के दौरान, मंत्री ने मरीज़ों और उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत की और उनके अनुभवों का जायज़ा लिया और जनता के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में ज़मीनी स्तर पर जानकारी ली। उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य सेवा से संबंधित किसी भी प्रकार की कमी को तुरंत दूर किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार जम्मू-कश्मीर के सभी भागों में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवा वितरण को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, जिसमें ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान सकीना इत्तू ने डॉक्टरों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ से भी बातचीत की। उन्होंने अस्पताल में चिकित्सा कर्मचारियों की निरंतर सतर्कता और अधिक जवाबदेही की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को डॉक्टरों और कर्मचारियों की चैबीसों घंटे उपलब्धता और ड्यूटी रोस्टर का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा, “स्वास्थ्य इस सरकार का एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र है और हम एक ऐसी प्रणाली बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए कुशल, संवेदनशील और जवाबदेह हो।“ उन्होंने आगे बताया कि ये दौरे सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन का मूल्यांकन करने और यह सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे हैं कि अस्पताल जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
मंत्री ने ज़ोर देकर कहा, “ये निरीक्षण विभाग की रणनीति का हिस्सा हैं ताकि आत्मसंतुष्टि को दूर किया जा सके और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता की संस्कृति को प्रोत्साहित किया जा सके।“