मिशन जीवनजोत: जिला फाजिल्का को बाल भिक्षावृत्ति से किया जाएगा मुक्त
उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ की बैठक
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फाजिल्का 21-Jul-2025
पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए मिशन जीवनजोत 2.0 को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आज उपायुक्त अमरप्रीत कौर संधू ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि इस मिशन के तहत जिला स्तर पर टीमों का गठन कर बाल भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर बच्चों का डीएनए टेस्ट करवाया जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों से भिक्षावृत्ति किसी गिरोह द्वारा जबरन या अपहरण करवा कर तो नहीं करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि बच्चों से भीख मंगवाने वाले व्यक्तियों को 5 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना, बच्चों को मादक पदार्थ देने वाले को 7 साल तक की सजा और जुर्माना, जबकि बाल तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान है।
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि जब कोई टीम किसी भिक्षा मांगते हुए बच्चे को रेस्क्यू करती है, तो उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, जो जेजे एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि अगर कोई बच्चा लंबे समय तक स्कूल से अनुपस्थित रहता है, तो उसकी जांच की जाए कि कहीं वह बाल श्रम या भिक्षावृत्ति की चपेट में तो नहीं है।
बैठक में जिला बाल समिति के चेयरपर्सन नवीन जसूजा, जिला कार्यक्रम अधिकारी नवदीप कौर, डीसीपीओ रीतू बाला, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. एरिक, जिला शिक्षा अधिकारी अजय शर्मा, उप जिला शिक्षा अधिकारी परविंदर सिंह और पुलिस विभाग से वीना रानी उपस्थित रहे।