5 Dariya News

सीजीसी लांडरां के सीएसई और आईटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट्स ने एफडीपी का आयोजन किया

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लांडरां 17-Jul-2025

चंडीगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज (सीईसी-सीजीसी) के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ने, चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेज़, कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग (सीजीसी-सीओई) लांडरां, मोहाली के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सहयोग से, “फ्यूचर रेडी स्किल्स : एम्ब्रेसिंग इनोवेशन इन इमर्जिंग ट्रेंड्स" विषय पर एक पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य फैकल्टी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और ऑटोमेशन जैसे ज़रूरी क्षेत्रों में उन्हें फ्यूचर के लिए इन विषयों के ज्ञान और क्षमताओं से सुसज्जित करना था। 

इस आयोजन में प्रख्यात अकडमीशन्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने भाग लिया और अपने अनुभवों व ज्ञान से प्रतिभागियों को लाभान्वित किया। एफडीपी में विभिन्न सत्रों की एक ख़ास श्रृंखला प्रस्तुत की गई, जिनमें उभरती और नयी टेक्निक्स का एजुकेशन, रिसर्च और इंडसट्री में एकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एनआईटी कुरुक्षेत्र से डॉ. आर.के. अग्रवाल ने की, जिन्होंने ह्यूमन इंटेलिजेंस, एआई, एमएल, डीप लर्निंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (एनएलपी) और कंप्यूटर विज़न की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। 

पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से डॉ. (अभिनव) भंडारी ने साइबर सिक्योरिटी में एजेंटिक और जेनरेटिव एआई के नवाचारी अनुप्रयोगों पर चर्चा की और एआई आधारित सक्रिय डिफेन्स स्ट्रेटेजीज़ की आवश्यकता पर बल दिया। एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ से डॉ. मीनाक्षी सूद ने हेल्थकेयर में एआई के ट्रांस्फॉर्मटिवे प्रभाव को रेखांकित किया, विशेष रूप से डायग्नोस्टिक्स और बायोसिग्नल के संदर्भ में। 

वहीं मैग्मा रिसर्च के डॉ. गौरव कुमार ने लाइव डेमो के माध्यम से जेनरेटिव एआई के अकैडमिक्स, एमओओसी और कंटेंट निर्माण में व्यावहारिक अनुप्रयोगों को प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम को ज्ञान से और भी समृद्ध बनाते हुए, एएनआईइएलआईटी चंडीगढ़ के डॉ. सरवन सिंह ने इंडस्ट्री 4.0 से इंडस्ट्री 5.0 की ओर हो रहे मूलभूत परिवर्तन पर प्रकाश डाला। 

उन्होंने सस्टेनेबल, ह्यूमन सेंट्रिक इनोवेशन और स्मार्ट ऑटोमेशन पर विशेष जोर दिया। यूआईटी, पंजाब युनिवेर्सिटी के डॉ. आकाशदीप शर्मा ने प्रतिभागियों को लैंगचेन और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (एलएलएम) से परिचित कराया और बताया कि ये तकनीकें प्राकृतिक भाषा की समझ को कैसे बेहतर बनाती हैं तथा बुद्धिमान अनुप्रयोगों के विकास में कैसे सहायक होती हैं। एक अन्य सत्र में, ग्राज़िटी इंटरएक्टिव के श्री अर्शदीप सिंह ने डिजिटल मार्केटिंग ट्रेंड्स, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और सेल्सफोर्स मार्केटिंग क्लाउड पर मूल्यवान जानकारियाँ साझा कीं, जिससे शिक्षकों को मार्केटिंग तकनीकों पर भविष्यदृष्टि आधारित दृष्टिकोण प्राप्त हुआ। 

इसके बाद साइबर डिफेंस इंटेलिजेंस के डायरेक्टर श्री लवजोत सिंह छाबड़ा ने साइबर सुरक्षा में एआई -आधारित खतरों पर एक प्रभावशाली चर्चा की, जिसमें डीपफेक्स, अडाप्टिव मैलवेयर और ऑटोमेटेड अटैक्स को रेखांकित किया गया। अंतिम दिन का आकर्षण टीइडीएक्स स्पीकर एवं टेक्नोप्रेन्योर श्री मनमीत सिंह भट्टी का प्रेरणादायक सत्र रहा, जिनका विषय था: "ऑटोमेशन और रोबोटिक्स: स्किल्स फॉर द वर्कफोर्स ऑफ़ टोमोरो"। 

उन्होंने हैंड्स ऑन लर्निंग, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और अपस्किलिंग के महत्व पर जोर दिया, ताकि इंडसट्री की बदलती अपेक्षाओं को पूरा किया जा सके। साथ ही, उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित किया कि वे करिकुलम विकास को उभरती तकनीकी प्रवृत्तियों के अनुरूप बनाएं, ताकि छात्र भविष्य के लिए तैयार हो सकें। 

समापन सत्र के साथ एफडीपी का समापन हुआ, जिसे सीजीसी-सीओई के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. अनुज गुप्ता, डॉ. सुशिल कम्बोज, एचओडी - सीएसई, सीजीसी-सीओई , डॉ. सुखप्रीत कौर, एचओडी, सीएसई और डॉ. अमनप्रीत कौर एचओडी-आईटी, सीजीसी-सीईसी, सीजीसी लांडरां, ने संबोधित किया। उन्होंने बदलती तकनीकों और शिक्षण विधियों के अनुरूप बने रहने के लिए निरंतर फैकल्टी विकास की आवश्यकता पर बल दिया। 

साथ ही, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स द्वारा दिए गए ज्ञानवर्धक सत्रों की सराहना की, जो अकादमिक लर्निंग और करंट इंडस्ट्री डिमांड्स के बीच की दूरी को कम करने में सहायक सिद्ध होंगे। इस एफडीपी प्रोग्राम ने शिक्षकों को रियल वर्ल्ड ऍप्लिकेशन्स, इंटरडिसिप्लिनरी कोलैबोरेशन और इनोवेशन के माध्यम से सशक्त बनाया। 

प्रतिभागियों ने उभरते हुए टूल्स और मेथोडोलॉजीज़ की गहरी समझ प्राप्त की, अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ में एआई के प्रभाव का अवलोकन किया और अपने ट्रेनिंग एंड रिसर्च में प्रैक्टिकल व प्रोजेक्ट-बेस्ड अप्प्रोचेस को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण ज्ञान अर्जित किया।