विदेशों में पंजाबी भाषा, संस्कृति और मीडिया पर संवाद का आयोजन
ऑस्ट्रेलिया निवासी गुरशमिंदर मिंटू बराड़ रहे मुख्य वक्ता
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पटियाला 28-Jun-2025
भाषा विभाग पंजाब की ओर से भाषा भवन पटियाला में “विदेशों में पंजाबी भाषा, संस्कृति और मीडिया की स्थिति” विषय पर एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ऑस्ट्रेलिया निवासी बहुप्रतिभाशाली पंजाबी लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता गुरशमिंदर सिंह मिंटू बराड़ ने मुख्य वक्ता के रूप में विचार साझा किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाषा विभाग के निदेशक श्री जसवंत सिंह ज़फ़र ने की।
मिंटू बराड़ ने अपने संबोधन में बताया कि ऑस्ट्रेलिया के सभी राज्यों में पंजाबी भाषा स्कूलों में पढ़ाई जा रही है और वहां की सरकार भी पंजाबी समुदाय को उनकी भाषा और संस्कृति को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि ‘सुहावी’ और ‘विरासत’ जैसी दो प्रमुख पंजाबी मोबाइल एप्स ऑस्ट्रेलिया में विकसित की गई हैं, जो वैश्विक पंजाबी समुदाय को साहित्यिक व ज्ञानवर्धक सामग्री ऑडियो व टेक्स्ट स्वरूप में उपलब्ध करा रही हैं।
उन्होंने बताया कि पंजाबी ब्लॉगिंग की शुरुआत वर्ष 2007 में ऑस्ट्रेलिया में उन्हीं के प्रयासों से हुई थी। इसके अलावा, पर्थ निवासी गुरवंत सिंह उप्पल ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब का डिजिटल संस्करण तैयार किया, जबकि पंजाबी टाइपफेस के विकास में बलवंत सिंह का योगदान उल्लेखनीय रहा।
रेडियो जगत में ‘हरमन रेडियो’ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो ऑस्ट्रेलिया से संचालित होता है। मिंटू बराड़ ने बताया कि पंजाबी खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए 37 वर्ष पहले ऑस्ट्रेलिया में ‘सिख खेल’ की शुरुआत की गई थी, जो आज भी प्रतिवर्ष आयोजित होती हैं।
उन्होंने यह भी साझा किया कि ऑस्ट्रेलिया में उच्चस्तरीय पंजाबी टीवी चैनल, रेडियो और समाचार पत्र न केवल पुराने प्रवासी पंजाबी बल्कि नई पीढ़ी में भी बेहद लोकप्रिय हैं। उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता देती है, बल्कि उदार अनुदान के माध्यम से इन पहलों को सहयोग भी करती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री जसवंत सिंह ज़फ़र ने कहा कि मिंटू बराड़ उन चुनिंदा शख्सियतों में शामिल हैं जो पूरी दुनिया में पंजाबी भाषा और संस्कृति के सशक्त प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमें यह समझना चाहिए कि हम दुनिया में क्या योगदान देने आए हैं – दूसरों की तुलना में खुद की पहचान हमारी सच्ची कमाई होनी चाहिए।”
इस अवसर पर मिंटू बराड़ को सम्मानित करते हुए उन्हें शॉल और पुस्तकों का स्मृति चिह्न भेंट किया गया। कार्यक्रम में जिला अटॉर्नी केसऱ सिंह, सहायक निदेशक अमरिंदर सिंह, शोध अधिकारी डॉ. सुखदर्शन सिंह चहल, साहित्य प्रेमी जोगा सिंह धनौला और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
संचालन डॉ. मनजिंदर सिंह ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डिप्टी डायरेक्टर सतनाम सिंह ने प्रस्तुत किया।