5 Dariya News

अटल डुल्लू ने जम्मू-कश्मीर में राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया

5 Dariya News

श्रीनगर 27-Jun-2025

मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने जम्मू-कश्मीर में विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर एक व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में प्रमुख सचिव एपीडी, आयुक्त सचिव वन, सचिव पीडब्ल्यूडी, सीई आरएंडबी (मध्य कश्मीर), सीई आरएंडबी (जम्मू), सीई बीकन, पीडी एनएचएआई, एनएचआईडीसीएल के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।

उपायुक्तों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। इस बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने डीसी को भूमि अधिग्रहण और खनन मुद्दों पर ध्यान देने के लिए कहा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये कहीं भी काम की गति में बाधा न बनें। 

उन्होंने संबंधित एजेंसियों को मशीनरी और जनशक्ति के मामले में अपने संसाधनों को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी परियोजनाएं उचित गति से आगे बढ़ें और उनकी समय सीमा बिना किसी चूक के पूरी हो।

बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड, परियोजना संपर्क एवं बीकन के तहत सीमा सड़क संगठन तथा लोक निर्माण विभाग कश्मीर द्वारा प्रबंधित महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला गया।

एनएचएआई के तहत चल रही जिन परियोजनाओं की प्रगति आज की बैठक में जांच के दायरे में आई, उनमें केंद्र शासित प्रदेश में दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के विभिन्न चरण शामिल हैं। जम्मू रिंग रोड पर सुरंगों का निर्माण 31 मार्च, 2026 तक पूरा होने की संभावना है, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मारोग से डिगडोल सुरंग, डिगडोल से खुनी-नाला, मकरकोट से शेरबीबी पुल, श्रीनगर रिंग रोड (चरण-प्) की प्रगति 71.50 प्रतिषत तक भौतिक रूप से पूरी होने की बात कही गई है, जिसके 30 नवंबर, 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। 

जबकि सुंबल से वायुल तक इसके चरण-प्प् का काम भी तेजी से चल रहा है, जिसके दिसंबर, 2026 तक पूरा होने की संभावना है। हाल ही में सौंपी गई परियोजनाओं में मणिगाम से पांडच तक श्रीनगर रिंग रोड चरण-प्प्।, एनएच-44 के दोमेल-उधमपुर खंड के लिए सर्विस रोड शामिल हैं, जिन्हें जल्द ही क्रियान्वित किया जाएगा। 

इस बैठक के दौरान छभ्प्क्ब्स् द्वारा क्रियान्वित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें जम्मू-अखनूर रोड एनएच-144ए के विभिन्न पैकेज शामिल हैं, जिनके सभी मामलों में दिसंबर 2025 तक पूरा होने की संभावना है। चनैनी-सुद्धमहादेव रोड (एनएच-244) के एक छोटे से हिस्से को छोड़कर पूरा होने की बात कही गई। 

गोहा-खलैनी रोड (एनएच-244) का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा होने की बात कही गई। बैठक में जोजिला सुरंग (एनएच-1-30.826 किमी) की प्रगति पर भी चर्चा की गई, जिसके बारे में बताया गया कि यह 63.87 प्रतिषत पूरी हो चुकी है और फरवरी 2028 तक पूरा होने की संभावना है।

इस बैठक में प्रोजेक्ट संपर्क के तहत बीआरओ की जिन परियोजनाओं की समीक्षा की गई, उनमें अखनूर-पुंछ (एनएच-144ए) राजमार्ग का चैड़ीकरण शामिल है, जिसे 8 पैकेजों में विभाजित किया गया है और इसके पूरा होने की अंतिम तिथि जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।

इसी तरह बीकन के तहत बीआरओ की परियोजनाओं में एनएच-1 श्रीनगर-बारामुल्ला-उरी रोड के विभिन्न खंड शामिल हैं, जिनकी संभावित पूर्णता तिथि नवंबर 2026 बताई गई थी। एनएच-701, डेलिना-रफियाबाद-त्रेहगाम, जिस पर हाल ही में काम शुरू किया गया था, मई, 2027 तक पूरा होने की बात कही गई थी।

पीडब्ल्यूडी द्वारा निष्पादित परियोजनाओं की मुख्य सचिव ने समीक्षा की, जिसमें पुलवामा बाईपास, कुलगाम बाईपास, एनएच पर शोपियां बाईपास शामिल हैं, जिन्हें जुलाई 2025 तक पूरा करने की प्रतिबद्धता है, एनएच-44 (श्रीनगर बाईपास) के साथ सर्विस रोड अक्टूबर, 2025 तक पूरा हो जाएगा।

पुराने चनापोरा और टेंगपोरा पुलों (एनएच-44 बाईपास) का 95 प्रतिषत भौतिक, 59 प्रतिषत वित्तीय काम पूरा हो गया है। चनपोरा बीसी/मैस्टिक लेयर का काम 02 जुलाई 2025 तक पूरा हो जाएगा।  इस बैठक में 296 किलोमीटर की कुल लंबाई और 10,637 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 19 नई परियोजनाओं की कार्ययोजना भी पेश की गई। 

उल्लेखनीय परियोजनाओं में लाल चैक से परिमपोरा जंक्शन तक 4-लेन फ्लाईओवर, एनएच-44 पर 4-लेन पंथा चैक फ्लाईओवर का निर्माण, एनएच-701ए पर 4-लेन मागम फ्लाईओवर का निर्माण, पंजतरणी सुरंग, पीर की गली सुरंग का निर्माण, साधना सुरंग का निर्माण आदि शामिल हैं।