मनोहर लाल खट्टर ने कौशल भारत मिशन के तहत सीपीडब्ल्यूडी के एमआईवीएएन शटरिंग प्रशिक्षण में 40 श्रमिकों को कौशल प्रमाण पत्र प्रदान किए
सीपीडब्ल्यूडी चालू और अगले वित्तीय वर्ष में लगभग 35,000 श्रमिकों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करेगा : मनोहर लाल खट्टर
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नई दिल्ली 26-Jun-2025
केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य एवं विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल ने आज नई दिल्ली के सेवा नगर, कस्तूरबा नगर में जनरल पूल आवासीय आवास (जीपीआरए) में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) द्वारा आयोजित श्रम कौशल प्रमाणन समारोह में हिस्सा लिया।
यह समारोह भारत सरकार के कौशल भारत मिशन के तहत आयोजित किया गया था। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल ने इस अवसर पर उपस्थित होकर कौशल प्रमाण पत्र और पहचान पत्र प्रदान किए। 40 'कामगारों' ने एमआईवीएएन शटरिंग सिस्टम में 80 घंटे का कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया है।
यह प्रशिक्षण सीपीडब्ल्यूडी की पहल के तहत जीपीआरए परियोजना में निर्माण स्थलों पर श्रमिकों को सीधे कौशल प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में आवासन एवं शहरी कार्य के मंत्रालय के सचिव श्री श्रीनिवास आर. कटिकिथला, सीपीडब्ल्यूडी के महानिदेशक श्री सतिंदर पाल सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
अपने संबोधन में श्री मनोहर लाल ने कार्यबल को आधुनिक निर्माण कौशल से लैस करने के महत्व के बारे में कहा कि कुशल श्रमिकों की कमी अक्सर इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास की गुणवत्ता और गति को प्रभावित करती है। उन्होंने जमीनी स्तर पर संरचित प्रशिक्षण लाने और इसे राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के साथ जोड़ने के लिए सीपीडब्ल्यूडी के प्रयासों की सराहना की।
श्रमिकों, ठेकेदारों और अधिकारियों को अपने संबोधन में उन्होंने विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि निर्माण उद्योग को वांछित गुणवत्ता मानकों को प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से कुशल श्रमिकों की आवश्यकता होती है।
सीपीडब्ल्यूडी ने इस कौशल की कमी को दूर करने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि सीपीडब्ल्यूडी अगले वित्तीय वर्ष में प्रशिक्षित किए जाने वाले श्रमिकों की संख्या को इस वर्ष के 10,000 से बढ़ाकर 25,000 कर देगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब ठेकेदारों के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं में कम से कम 20 प्रतिशत प्रमाणित कुशल श्रमिकों को नियुक्त करना या उन्हें साइट पर औपचारिक प्रशिक्षण प्रदान करना अनिवार्य कर दिया गया है।
राष्ट्रीय रियल एस्टेट विकास परिषद के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्रमिकों को सहायक शटरिंग बढ़ई (एल्यूमीनियम शटरिंग) के रूप में प्रमाणित किया जाता है। चरण-I के तहत इसी तरह की पहल ने पहले लगभग 40 मजदूरों को सहायक राजमिस्त्री के रूप में प्रमाणित किया था।
यह समारोह कस्तूरबा नगर में जीपीआरए पुनर्विकास परियोजना स्थल पर हुआ, जिसमें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित 2000 से अधिक आवासीय फ्लैट (टाइप II और III) के साथ जी+13 मंजिला टावर और दो स्तरीय बेसमेंट पार्किंग शामिल हैं।
इस परियोजना को एल्युमिनियम शटरिंग और सेल्फ-कॉम्पैक्टिंग कंक्रीट से युक्त मोनोलिथिक निर्माण तकनीक का उपयोग करके निष्पादित किया जा रहा है, जो कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा चिन्हित छह आधुनिक निर्माण तकनीकों में से एक है।
स्थिरता संबंधी लक्ष्यों के अनुरूप, परियोजना का उद्देश्य कई पर्यावरण-अनुकूल उपायों के माध्यम से गृह 4-स्टार रेटिंग प्राप्त करना है, जिसमें सी एंड डी अपशिष्ट पदार्थ, फ्लाई ऐश, कम-वीओसी पेंट, सौर पैनल और 5-स्टार रेटेड विद्युत उपकरण का उपयोग शामिल है।
कॉलोनी में खुले हरे भरे स्थान, साइकिलिंग ट्रैक, ओपन जिम, खेल के मैदान, बच्चों के खेलने के क्षेत्र, जल निकाय और सीजीएचएस डिस्पेंसरी और एक प्राथमिक विद्यालय भवन जैसे प्रमुख सामाजिक बुनियादी ढांचे भी हैं। यह पहल सार्वजनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में नवाचार और स्थिरता को बढ़ावा देते हुए कुशल निर्माण कार्यबल तैयार करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।