ब्रह्माकुमारीज़ ने मोहाली में बहुत धूमधाम से मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
नाइपर ऐयरपोर्ट व सुख शांति भवन में आयोजित हुए कार्यक्रम
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मोहाली 21-Jun-2025
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के शुभ अवसर पर, ब्रह्माकुमारीज़ मोहाली द्वारा नाइपर मोहाली में एक दिव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों ब्रह्माकुमार और ब्रह्माकुमारीयाँ सफेद वस्त्रों में सज-धजकर उपस्थित हुए जो न केवल पवित्रता और शांति का प्रतीक थे, बल्कि वे फ़रिश्तों जैसे प्रतीत हो रहे थे ।इस आयोजन में नाइपर के विभागाध्यक्षों, वरिष्ठ वैज्ञानिकों तथा संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) दुलार पांडा सहित कई विशिष्ट जनों ने भाग लिया और इसे गौरवपूर्ण बनाया।
कार्यक्रम के दौरान चार विशिष्ट सेवाधारी आत्माओं को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया: राजयोगिनी प्रेम लता (राजयोग केंद्र मोहाली-रूपनगर सर्कल की प्रभारी), राजयोगिनी रमा (सह प्रभारी), बीके मीना और बीके करमचंद।इसके उपरांत, बीके मीना, बीके शिपला और बीके लोकेश द्वारा प्राणायाम, योगासन और हल्के व्यायाम का सत्र संचालित किया गया, जिसने सभी प्रतिभागियों को तन, मन और आत्मा के स्तर पर नई ऊर्जा और संतुलन प्रदान किया।
राजयोगिनी रमा ने ध्यान (राजयोग) के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह कैसे मनुष्य को आत्मबल, नैतिक मूल्यों और भावनात्मक स्थिरता से सशक्त करता है। उन्होंने कहा कि “ध्यान एक ऐसी साधना है, जो हमें बाहरी हलचल से हटाकर आत्मिक शांति और दिव्यता की ओर ले जाती है।”कार्यक्रम का समापन राजयोगिनी प्रेम लता द्वारा कराई गई गहन एवं आत्मविभोर कर देने वाली ध्यान सत्र से हुआ, जिसने उपस्थित जनों को एकात्मता, शांति और आत्मिक जागरूकता का अनुपम अनुभव कराया।
इसी श्रृंखला में CISF में भी ब्रह्माकुमारीज़ मोहाली द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आत्मीय स्वागत वरिष्ठ कमांडेंट श्री जी. भुवनेश कुमार ने किया और बहन बीके सुमन को उनकी निरंतर सेवाओं हेतु स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।CISF के योगाचार्य द्वारा संचालित योग सत्र में विविध योगासन एवं प्राणायाम कराए गए, जिससे उपस्थित जनों को शारीरिक स्फूर्ति और मानसिक विश्रांति प्राप्त हुई।
इसके बाद बीके अदिति ने राजयोग ध्यान के लाभों को विस्तारपूर्वक समझाया और बताया कि यह ध्यान जीवन में शांति, स्पष्टता और आत्म-सम्बंध की भावना को प्रगाढ़ करता है। कार्यक्रम का समापन बीके सुमन द्वारा कराई गई शांति से परिपूर्ण राजयोग ध्यान सत्र से हुआ, जिसमें सभी ने गहरे आत्मिक शांति का अनुभव किया।