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भारत-ब्रिटेन संबंध मजबूत करने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे : पीएम मोदी

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कनानास्किस (कनाडा) 18-Jun-2025

कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच अहम मुलाकात हुई। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन एक-दूसरे के साथ मिलकर इस शानदार साझेदारी को मजबूत करते रहेंगे। 

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "एक्स" पर लिखा, "प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ एक बेहतरीन बातचीत हुई। भारत और ब्रिटेन के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, खासकर व्यापार और वाणिज्य जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति के माध्यम से। हम इस शानदार मित्रता को और गति देने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।"

दरकिनार नहीं किया जा सकता है कि पिछले कुछ सालों में पीएम मोदी के नेतृत्व में ब्रिटेन के साथ भारत के रिश्तों में मजबूती आई है। 7 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री स्टार्मर को भारत आने का न्योता दिया। पीएम मोदी ने स्टार्मर को उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं भी दी थी। 

इस महीने की शुरुआत में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिटेन सरकार को अप्रैल 22 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों को न्याय दिलाने में भारत के साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद दिया था। ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी भारत की यात्रा कर चुके हैं, जो इसी महीने की शुरुआत में आए। 

इस दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच 6 मई को हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर चर्चा हुई थी। उस समय एस जयशंकर ने बताया, "ये समझौता न सिर्फ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को गति देगा, बल्कि आपूर्ति और मूल्य श्रृंखलाओं को भी मजबूत करेगा।

रणनीतिक संबंधों को भी नया आयाम देगा।" खासतौर पर मई 2025 में भारत और ब्रिटेन ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए। मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भारत का 16वां और ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन का सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौता है।

ये समझौता मौजूदा दौर में वैश्विक व्यापार अस्थिरता और टैरिफ अनिश्चितताओं के बीच दुनिया की चौथी और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कदम है। ब्रिटेन, भारत से सबसे ज्यादा वस्तुएं खरीदने वाले देशों में चौथे नंबर पर है। वहीं भारत ब्रिटेन के लिए 11वां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 

भारत और ब्रिटेन के बीच हर साल करीब 60 अरब डॉलर (60 बिलियन डॉलर) का व्यापार होता है, जिसके 2030 तक दोगुना होने की उम्मीद है।एफटीए समझौता, ब्रिटेन को भारत के 99 प्रतिशत निर्यात के लिए शून्य-शुल्क पहुंच प्रदान करता है, जिसमें वस्त्र, परिधान, चमड़ा, जूते, समुद्री उत्पाद, खेल के सामान, खिलौने, रत्न और आभूषण, ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग सामान और कार्बनिक रसायन शामिल हैं।