हैप्पी मदर्स डे टू आल मॉम्स
5 दरिया न्यूज ( नेहा वर्मा )
11-May-2014
दुनिया में आने के बाद बच्चा सबसे पहले मां को ही पहचानता है और उसके मुंह से निकलने वाला पहला शब्द मां ही होता है। हर साल हम मदर्स डे मनाते हैं। माँए मम्मी माताजी आई या मामॅ नाम चाहे कितने ही हो पर नामो मे छिपा प्यार एक ही है । हमारी कोई परेशानी उनसे छिपी नही रह्ती ना जाने वो बिना बताए अपने आप कैसे जान जाती हैं । भगवान का दूसरा नाम ही है माँ हर जगह तो भगवान का जाना सम्भव नहीं हैं इसलिए उसने माँ को बना दिया । बेशक समय कितना ही बदल जाए पर हमारे देश के संस्कार ही ऐसे है कि माँ का प्यार ना कभी बदला है ना कभी बदलेगा । दोपहर की चिलचिलाती हुई धूप और बच्चा बाहर खेलने की जिद करे। लेकिन ऐसी कोई मां नहीं होगी जो बच्चे को धूप में खेलने की इजाजत देगी।
हांलाकि समय के साथ बहुत कुछ बदल रहा है। लेकिन जो नहीं बदला है वह मां और बच्चे का रिश्ता है। इस मदर्स डे पर हम बात करेगें कि किस तरह से मां ने हमारी जिन्दगी को बदला और हमें आगे बढ़ने की राह दिखाई। हमें कभी नहीं भूलना चाहिये कि आज जो कुछ भी हम अपनी जिन्दगी में कर रहे हैं । वह केवल हमारी प्यारी मां की बदौलत है। मां शब्द सुनते ही हमारे हृदय में भावनाएं उमड़ पड़ती हैं। मां एक ऐसा शाश्वत शब्द है जिस पर बच्चा बिना सोचे समझे आंख मूंद कर विश्वास करता है क्योंकि उसे पता है कि मां उसकी सच्ची मार्गदर्शक होती है। वर्तमान में वीडियो चैटिंग फेसबुक के बेतहाशा और बेखौफ इस्तेमाल ने बच्चे को एकाकी और कमरों में कैद सा कर दिया है। कोई भी मां नहीं चाहेगी कि उसका बच्चा फेसबुक पर वीडियो चैटिंग करे। इसके अलावा आज कल हर बच्चे में जंक फूड खाने का चस्खा कुछ ज्यादा ही बढ़ गया हैए लिहाजा हर मां की यही ख्वाहिश होती है कि वह अपने बच्चे को उससे दूर रखे और उसे पौष्टिक खाना खिलाए।मां हमेशा बच्चों को समय पर स्कूल का काम करने और नियमित अध्ययन के लिये प्रेरित करती है और वक्त आने पर डांटती भी है। एक मां अपने बच्चे को पढ़ाई का महत्व बताती है और एक अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा देती है । एक मां अपने बच्चे के जीवन के हर मोड़ पर मुश्किल का सामना करना सिखाती है और अपनी जिन्दगी से डर को भगाते हुए हर चुनौती का सामना करने को तैयार करती है। मां है प्रीतए मां है मीत हैं माही है सुख है अंधकार मे प्रकाश मां है । हैप्पी मदर्स डे आल मॉम्स !