5 Dariya News

अमृतसर के 27 वर्षीय प्रदीप सिंह का पार्थिव शव दुबई से भारत पहुंचा

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अमृतसर 30-Apr-2025

पूरी दुनिया में रब के फरिश्ते के तौर पर जाने जाते दुबई के प्रसिद्ध कारोबारी और सरबत का भला चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रमुख डॉ. एस.पी सिंह ओबरॉय के प्रयासों से आज अमृतसर जिले के गांव जगदेव कलां (हाल वासी मीराकोट चौंक) के साथ सबंधित 27 वर्षीय प्रदीप सिंह पुत्र बलदेव सिंह का पार्थिव शव दुबई से श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अमृतसर में पहुंचा। 

इस सबंध में जानकारी देते हुए डॉ. एस.पी सिंह ओबरॉय ने बताया कि मां-बाप का एकलौता पुत्र प्रदीप भी अन्य युवाओं की तरह अपने और अपने परिवार के अच्छे भविष्य के लिए करीब 6 महीने पहले ही दुबई आया था। उन्होंने बताया कि दुबई स्थित भारतीय दूतावास ने उनके साथ संपर्क करके बताया था कि दुबई में 10 अप्रैल को घटे एक सड़क हादसे दौरान लगी भयानक आग में बहुत बुरी तरह झुलस जाने के कारण गांव जगदेव कलां के साथ संबंधित एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई है, जिसके बाद उन्होंने अपनी अमृतसर टीम को प्रदीप के पारिवारिक सदस्यों के पास भेजकर उनके साथ घटी इस घटना से अवगत करवाया। 

उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास के सहयोग से अपने निजी सचिव बलदीप सिंह चाहल के माध्यम से सारी जरूरी कागजी कार्रवाई मुकम्मल करवा कर आज प्रदीप का पार्थिव शव अमृतसर हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद उनके द्वारा ट्रस्ट की मुफ्त एंबुलेंस सेवा के माध्यम से उसके घर तक भेजा गया है।हवाई अड्डे पर पीड़ित परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करने के लिए पहुंचे ट्रस्ट के पंजाब अध्यक्ष सुखजिंदर सिंह हेर, जिला महासचिव मनप्रीत सिंह संधू चमियारी, कोषाध्यक्ष नवजीत घई और उपाध्यक्ष हरजिंदर हेर की तरफ से पीड़ित परिवार की बताई गई आर्थिक हालात के अनुसार उनके द्वारा प्रदीप की बड़ी बहन की शादी के लिए 2 लाख रुपये, जबकि बेबस पिता को घर के गुजारे के लिए 2500 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। 

उन्होंने बताया कि प्रदीप का पार्थिव शव भारत भेजने के लिए आया खर्च उसकी कंपनी द्वारा किया गया है। गौरतलब है कि ट्रस्ट की तरफ से डॉ. ओबरॉय की सरपरस्ती तले अब तक 411 के करीब बदनसीब युवाओं के पार्थिव शव उनके परिजनों तक पहुंचाए जा चुके हैं।इस दौरान हवाई अड्डे पर प्रदीप सिंह का पार्थिव शव लेने पहुंचे पिता बलदेव सिंह,  मामा हरजीत सिंह, रंजीत सिंह, नाना जसबीर सिंह और भाई मानवदीप सिंह ने डॉ.  एस.पी सिंह का इस बड़े प्रयास के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन घड़ी में की गई इस बड़ी मदद के लिए उनका परिवार हमेशा ही डॉ. ओबरॉय का ऋणी रहेगा।