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पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय द्वारा इनफ्लिबनेट केंद्र के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला-सह-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

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बठिंडा 28-Apr-2025

पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय, बठिंडा में कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी के संरक्षण में विश्वविद्यालय की रंगनाथन लाइब्रेरी द्वारा सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र (इनफ्लिबनेट केंद्र), गांधीनगर, गुजरात के सहयोग से शनिवार को एक दिवसीय कार्यशाला-सह-जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पंजाब एवं पड़ोसी राज्यों से आए 120 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात वित्त अधिकारी डॉ. राज कुमार ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. भूपिंदर सिंह ने रंगनाथन लाइब्रेरी का संक्षिप्त परिचय देते हुए उसकी उपलब्धियों और सेवाओं पर प्रकाश डाला। समारोह के सम्मानित अतिथि, प्रो. ए. एस. चंडेल, पूर्व प्रोफेसर, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग, नॉर्थ-ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी (नेहू), ने अपने संबोधन में सूचना प्रबंधन और प्रसार में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। 

इसके बाद इनफ्लिबनेट केंद्र के डॉ. कन्नन पोनुसामी ने कार्यशाला के उद्देश्यों और संरचना की जानकारी देते हुए इसे शोधार्थियों और शिक्षाविदों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उद्घाटन भाषण प्रो. रामकृष्ण वुसुरिका, डीन (इंचार्ज अकादमिक), ने दिया, जिन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में आधुनिक सूचना सेवाओं के प्रभावी एकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया।

तकनीकी सत्रों का संचालन इनफ्लिबनेट केंद्र के विशेषज्ञों ने किया:

डॉ. अभिषेक कुमार, वैज्ञानिक-ई (कंप्यूटर साइंस), ने इंफेड, सोल, आईरिन्स, शेरनी, शोधगंगा, शोध चक्र, विद्या मित्र, स्वयम और ओएनओएस जैसी प्रमुख सेवाओं का विस्तृत परिचय दिया तथा इनके शैक्षणिक और शोध कार्यों में उपयोग की व्याख्या की।

डॉ. कन्नन पोनुसामी, वैज्ञानिक-ई (लाइब्रेरी साइंस), ने ऑर्किड और इर्निस पर विस्तृत सत्र लिए, और शोधकर्ताओं को अपनी शैक्षणिक दृश्यता बढ़ाने तथा पेशेवर प्रोफाइल का प्रबंधन करने के लिए इन निःशुल्क, एकीकृत प्लेटफॉर्म्स के उपयोग के बारे में मार्गदर्शन दिया। यह कार्यशाला अत्यंत संवादात्मक रही, जिसमें प्रतिभागियों ने पूरे दिन सक्रिय रूप से भाग लिया।

कार्यक्रम का समापन फीडबैक सत्र और प्रमाणपत्र वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें पुस्तकालय प्रभारी प्रो. राजेश कुमार तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। प्रतिभागियों ने कार्यशाला के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के अधिक क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की।

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के साथ पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा शोधकर्ताओं, विद्वानों एवं पुस्तकालय पेशेवरों के सतत व्यावसायिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।