गुरप्रताप पडियाला और सांसद जस्सर ने पहलगाम हमले के पीड़ितों की याद में कैंडल मार्च का नेतृत्व किया
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खरड़ 26-Apr-2025
प्रसिद्ध समाजसेवी गुरप्रताप पडियाला (स्पोर्ट्स प्रमोटर एवं जनरल सेक्रेटरी, पंजाब किसान कांग्रेस) और समाजसेवी एम.पी. जस्सर (जनरल सेक्रेटरी, पंजाब यूथ एंड स्पोर्ट्स क्लब्स सेल - पी.पी.सी.सी. एवं पंजाब स्टेट चेयरमैन, यूथ पॉलिसी एंड रिसर्च डिपार्टमेंट) के नेतृत्व में हल्का खरड़ के स्थानीय निवासियों, समाजसेवियों, बहनों-भाइयों, युवाओं और बुज़ुर्गों ने मिलकर एक विशाल एकता कैंडल लाइट मार्च का आयोजन किया। यह मार्च सिटी हार्ट खरड़ से शुरू होकर आर्य कॉलेज रोड, मेन बाज़ार, खरड़ बस स्टैंड होते हुए पुनः चंडीगढ़ रोड सिटी हार्ट खरड़ में समाप्त हुआ।
इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए गुरप्रताप पडियाला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ यह निर्मम और कायराना हमला केवल कुछ मासूम सैलानियों की जान लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की एकता, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक सीधा और गंभीर हमला है। इस हमले ने पूरे देश की आत्मा को झकझोर कर रख दिया है।
उन्होंने कहा कि केवल कड़ी कार्रवाई की बात करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि केंद्र सरकार को इन आतंकियों और उनके संरक्षकों का वही अंजाम करना चाहिए जैसा उन्होंने उन निर्दोष सैलानियों और नागरिकों के साथ किया। यही सच्चा इंसाफ़ होगा।समाज सेवी एम.पी. जस्सर ने इस मौके पर कहा कि यह कैंडल मार्च पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर, हल्का खरड़ की जनता द्वारा मानवता, एकता और शांति के लिए दिया गया एक सशक्त संदेश है।
उन्होंने भाजपा सरकार को कड़े शब्दों में कहा कि सिर्फ़ बयानबाज़ी से कुछ नहीं होगा — अब ज़रूरत है ठोस और निर्णायक कदम उठाने की। जसर ने माँग की कि केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि हमले के ज़िम्मेदार और उनके मददगारों के खिलाफ़ अब तक क्या सख़्त कार्रवाई की गई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह के कायराना हमलों की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर की धरती सदियों से भाईचारे, प्रेम और साझा संस्कृति की प्रतीक रही है, और हम कभी भी यह बर्दाश्त नहीं करेंगे कि कुछ आतंकी तत्व और उनके संरक्षक हमारे देश की एकता और शांति को तोड़ने की कोशिश करें।एम.पी. जस्सर ने प्रधानमंत्री को भी यह याद दिलाया कि देश के नागरिकों की जान और सुरक्षा आपकी प्रत्यक्ष जिम्मेदारी है। अब शब्द नहीं, बल्कि कर्म करके दिखाने का समय है।जस्सर ने अंत में कहा कि हम हमेशा शहीदों की याद में दृढ़ता से खड़े रहेंगे और मानवता, भाईचारे और न्याय की आवाज़ बनकर संघर्ष जारी रखेंगे।
इस अवसर पर स्वर्ण कौर चेयरपर्सन, ह्यूमन राइट्स, मनप्रीत कौर, सुरिंदर कौर, स्वर्णजीत कौर (महिला कांग्रेस अध्यक्ष), बलविंदर सिंह पटवारी, कुलविंदर सिंह नगलियां, निर्मल सिंह (सेक्रेटरी, हलालपुर), रणवीर सिंह राणा (देशू माजरा), बब्बू खरड़, रविंदर सिंह बॉबी, मनमोहन सिंह, सुरजीत सिंह (लखनौर), सतविंदर सिंह (भजौली), बिल्ला (जंडपुर), जस्स खरड़, जॉली पडियाला, सुरिंदर सिंह (जीवन जोत), मोहन सिंह, बलजिंदर कौर, रणजीत सिंह (ठेकेदार), जशन मुंडी (खरड़), अमरजीत सिंह (सरपंच), कुलवंत सिंह, हरिंदर सिंह, प्रीतम सिंह, मोती राम, मनी खरड़, करमजीत सिंह, गुरी, जगवीर समेत बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों और स्थानीय नागरिकों ने कैंडल मार्च में भाग लिया।