5 Dariya News

सीयू पंजाब में डॉ. आंबेडकर जयंती पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन

डॉ. आंबेडकर विश्व के लिए प्रेरणा स्रोत व सम्पूर्ण मानव जाति के नेता — डॉ. फलवारिया

5 Dariya News

बठिंडा 18-Apr-2025

पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय, बठिंडा (सीयू पंजाब) में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 134वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के डॉ. आंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र, विश्वविद्यालय में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्थापित आंबेडकर मानवाधिकार एवं पर्यावरणीय मूल्य पीठ, तथा अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ के संयुक्त प्रयासों से संपन्न हुआ।

कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी के संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में दो मुख्य सत्र आयोजित किए गए—पहला, “विराट व्यक्तित्व डॉ. आंबेडकर और उनका राष्ट्रवादी चिंतन” विषय पर विशेष व्याख्यान और दूसरा, “सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए योजना और रणनीति” विषय पर संवाद सत्र। गांधी भवन, नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक डॉ. राजकुमार फलवारिया और श्री अनुभव जैन, आईपीएस (पंजाब पुलिस, बठिंडा) मुख्य वक्ता  सम्मिलित हुए। 

उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. राजकुमार फलवारिया ने डॉ. आंबेडकर की बहुआयामी राष्ट्र निर्माता की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “डॉ. आंबेडकर को किसी भी जाति की सीमा में बांधना उनके विराट व्यक्तित्व को छोटा करके आंकने जैसा है। दरअसल बाबा साहब सम्पूर्ण मानव जाति के नेता थे।” 

उन्होंने डॉ. आंबेडकर के एक श्रेष्ठ शोधार्थी, अर्थशास्त्री, लेखक, पत्रकार, संपादक और मजदूर एवं औरतों के अधिकारों के पक्षधर के रूप में योगदान की विस्तार से चर्चा की।  डॉ. फलवारिया ने कहा कि डॉ. आंबेडकर बहुत ही संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी रहे हैं उन्होंने भारतीय संविधान में सभी नागरिकों के हितों को ध्यान रखते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया है। 

उन्होंने आगे डॉ. आंबेडकर के समावेशी राष्ट्र-निर्माण दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला और उल्लेख किया कि बाबासाहेब को कोलंबिया विश्वविद्यालय की 300 वर्षों की विरासत में सबसे प्रतिष्ठित विद्वानों में से एक माना जाता है। सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन पर केंद्रित दूसरे सत्र की शुरुआत डॉ. विनोद आर्य (समन्वयक, डॉ. आंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र) ने की। 

आमंत्रित वक्ता आईपीएस अधिकारी श्री अनुभव जैन ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं से यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं की तैयारी के लिए व्यावहारिक रणनीतियां साझा कीं। उन्होंने अनुशासित दिनचर्या, सुव्यवस्थित योजना, समय प्रबंधन और समसामयिक घटनाओं से अपडेट रहने की आवश्यकता को रेखांकित किया। 

साथ ही उन्होंने वैकल्पिक विषय चयन, एनसीईआरटी पुस्तकों के प्रभावी उपयोग, मॉक टेस्ट देने, और साक्षात्कार की तैयारी जैसे पहलुओं पर चर्चा करते हुए एक स्पष्ट तैयारी की रूपरेखा प्रस्तुत की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। 

डॉ. आंबेडकर बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे, जिनके विचारों ने आधुनिक भारत की नींव रखी। इसलिए उनको समझने के लिए व्यापक दृष्टिकोण का होना बहुत जरूरी है। मगर इसके लिए पहले समग्र रूप से बाबा साहब के विचारों का अध्ययन करना होगा।

होगा। डॉ. आंबेडकर मानवाधिकार एवं पर्यावरणीय मूल्य पीठ के चेयर प्रोफेसर प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय में बाबा साहब के विचारों के प्रसार हेतु चेयर की सतत पहल पर प्रकाश डाला। प्रो. बावा सिंह ने कार्यक्रम की समन्वय की भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित भाषण, निबंध लेखन और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले डॉ. आंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र के विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम के समन्वयक मंडल में प्रो. कन्हैया त्रिपाठी, प्रो. बावा सिंह, डॉ. विनोद आर्य, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. आनंद गुप्ता, और डॉ. अश्वनी कुमार शामिल रहे।

इस अवसर पर छात्रों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। यह आयोजन डॉ. भीमराव आंबेडकर के समानता, न्याय और समावेशी विकास जैसे स्थायी मूल्यों को प्रोत्साहित करने हेतु सीयू पंजाब की प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करता है।