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संविधान निर्माता को नमन: पेक में डॉ. अंबेडकर की याद में हुआ विशेष आयोजन

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चंडीगढ़ 14-Apr-2025

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ ने आज भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की 134वीं जयंती को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार, एक दूरदर्शी नेता, समाज सुधारक, अर्थशास्त्री और न्यायविद् डॉ. अंबेडकर ने अपना सम्पूर्ण जीवन सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष और वंचित समुदायों के उत्थान हेतु समर्पित कर दिया था।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. बी. आर. अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित करके हुई, जिसमें संस्थान के माननीय निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया, रजिस्ट्रार कर्नल आर.एम. जोशी, एससी/एसटी सेल के चेयरपर्सन प्रो. बलविंदर सिंह एवं फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया। सभी ने डॉ. अंबेडकर के सामाजिक न्याय एवं समानता के प्रति अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसके बाद ही, एक शार्ट प्रेरणादायक डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई, जिसमें डॉ. अंबेडकर के जीवन और उपलब्धियों को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद प्रो. बलविंदर सिंह ने संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने एससी/एसटी सेल के कार्यों और वंचित वर्ग के छात्रों व कर्मचारियों के सहयोग हेतु चलाए जा रहे विभिन्न प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।

डॉ. लोकेश ने डॉ. अंबेडकर के जीवन मूल्यों और सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। वहीं, डॉ. सुखविंदर सिंह ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए डॉ. अंबेडकर के प्रसिद्ध नारे "शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो" को दोहराया। श्री तेजिंदर पाल सिंह ने भी विचार साझा करते हुए कहा, कि डॉ. अंबेडकर केवल वंचित वर्गों के ही नहीं, बल्कि समावेशी और प्रगतिशील समाज की कल्पना करने वाले हर व्यक्ति के नेता हैं। 

माननीय निदेशक प्रो. भाटिया ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में संस्थान की समावेशिता के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया और बताया कि कैसे डॉ. अंबेडकर के सिद्धांत आज भी संस्थान को एक समान अवसरों वाला, सहयोगी और समृद्ध वातावरण देने की दिशा में मार्गदर्शन कर रहे हैं। इसके उपरांत विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों को ड्राइंग और निबंध लेखन जैसी प्रतियोगिताओं में उनकी उपलब्धियों के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए कार्यक्रम का समापन प्रो. शोभना धीमान (एसोसिएट प्रोफेसर, भौतिकी विभाग) द्वारा दिल से प्रस्तुत किए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। 

उन्होंने सभी विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, फैकल्टी सदस्यों, स्टाफ और छात्रों का आभार व्यक्त किया जिनकी उपस्थिति और सहभागिता ने इस आयोजन को विशेष और सफल बनाया।