5 Dariya News

जीआरएसई में तीसरे अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत के लिए कील रखी गई

आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देना

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कोलकाता 11-Apr-2025

अगली पीढ़ी के तीसरे अपतटीय समुद्रगामी गश्ती पोत (पूर्व-जीआरएसई) यार्ड 3039 के निर्माण कार्य का शुभारंभ समारोह 11 अप्रैल, 2025 को कोलकाता के जीआरएसई लिमिटेड में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्री सुगाता घोष दस्तीदार, आईडीएएस, वित्तीय सलाहकार (रक्षा सेवाएं) उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम में जीआरएसई के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कमोडोर पी आर हरि (सेवानिवृत्त) और भारतीय नौसेना तथा शिपयार्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। गोवा के गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) और कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) के साथ ग्यारह अगली पीढ़ी के समुद्रगामी गश्ती जहाजों के स्वदेशी डिजाइन व निर्माण के लिए 30 मार्च, 2023 को अनुबंध किया गया था। 

इनमें से सात जहाजों को लीड शिपयार्ड जीएसएल बना रहा है और चार जहाजों का निर्माण फॉलो शिपयार्ड जीआरएसई द्वारा किया जाना है। अगली पीढ़ी के लगभग 3000 टन भार वाले इन समुद्रगामी गश्ती जहाजों को तटीय रक्षा एवं निगरानी, ​​खोज व बचाव कार्यों, अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा और समुद्री डकैती विरोधी मिशनों के लिए तैयार किया गया है। 

इन जहाजों के निर्माण कार्यों के शुभारंभ की प्रक्रिया वास्तव में समग्र परियोजना तथा समय-सीमा में बनने के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस तरह के ग्यारह जहाजों का निर्माण देश के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल के दृष्टिकोण के अनुरूप किया जा रहा है। यह उपलब्धि भारतीय नौसेना की समुद्री क्षमता को बढ़ाने के लिए तैयार है।