कचरे के देर में लगाई जा रही आग से हवा में फैल रहा है जहर
कबाड़ी द्वारा आग लगाने से धुआं धुआं हो जाता है पूरा क्षेत्र, होते हैं राहगीर परेशान
5 Dariya News
खरड़ 08-Apr-2025
जहरीले धुएं से खासकर सांस, फेफड़ा, यक्षमा, आंख के मरीजों को परेशानी होती है। जो स्वस्थ्य हैं, वह भी इस धुएं के कारण बीमार हो सकते हैं। पर्यावरण के अलावा पशु-पंक्षियों के भी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। शहर के झुंगियां मार्ग पर स्थित कबाड़ का व्यपार करने वालों की तरफ से प्रति दिन अपने लालच के लिए इलेक्ट्रिक वेस्ट, थर्मोकोल, या अन्य में आग लगाई जाती है, जिसका धुआं सड़ांध बदबू न सिर्फ आसपास के लोगों को परेशान करती है, बल्कि राहगीर भी त्रस्त रह रहे हैं।
बता दें कि इस मार्ग से हजारो राहगीर स्कूल, कॉलेज, दफ्तर या अन्य संसथानों में नौकरी करने के लिए गुजरते हैं। स्कूली बच्चे और उनके अभिवावक अक्सर इस धुंए से बचने के लिए नाक पर रुमाल रख कर गुजरते हैं। जहरीले धुंए से खांसी होने लगती है। यह जहरीला कला धुआं जहां मनुष्य के लिए घातक है वहीँ यह सभी पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए घातक हैं।
सर्विंग अर्थ सोसाइटी (रज़ि) के चैयरमेन प्रोफेसर सिमरनजित सिंह कलेर ने कहा कि सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) लक्ष्य 13 के तहत सरकारों को इन सभी पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए और अपील की है कि प्रशाशन को इस संधर्व में ठोस कदम उठाना चाहिए तांजो आम लोगों को इस जहरीले धुंए से निजात मिल सके।