राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने ड्रोन के ज़रिए हो रही नशा तस्करी पर ग्राम रक्षा समितियों की भूमिका को सराहा
कहा – एंटी ड्रोन तकनीक और जन सहयोग से आएगा सकारात्मक बदलाव
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भगवानपुरा (तरनतारन) 05-Apr-2025
सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन को रोकने और सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने में ग्राम स्तरीय रक्षा समितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ये टिप्पणियां पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने तरनतारन जिले के भगवानपुरा गांव में ग्राम स्तरीय रक्षा समितियों के सदस्यों को संबोधित करते हुए कीं।
इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री विवेक प्रताप सिंह, पंजाब रेड क्रॉस के सचिव श्री शिवदुलार सिंह ढिल्लों, तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर श्री राहुल तथा एसएसपी श्री अभिमन्यु राणा भी उपस्थित थे। इससे पहले राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने गांव असल उतर में शहीद अब्दुल हमीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद अब्दुल हमीद जी को श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद राज्यपाल ने तरनतारन जिले के सीमावर्ती गांवों के पंचों, सरपंचों, स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों तथा गांव स्तरीय रक्षा समितियों के सदस्यों के साथ बैठक करते हुए कहा कि ये समितियां केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों तथा राज्य सरकार की एजेंसियों के साथ मिलकर बेहतरीन काम कर रही हैं तथा इन्हें और मजबूत करने की आवश्यकता है।
गांव स्तरीय रक्षा समितियों के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे अपने-अपने गांवों में युवाओं को नशे से दूर रहने तथा खेलों के प्रति प्रेरित करने में अपना अधिकतम योगदान दें।उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार सीमा पार से नशा तस्करी को रोकने के लिए एंटी ड्रोन तकनीक पर 10 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जो एक बेहतरीन पहल है।
उन्होंने आगे बताया कि केंद्र सरकार भी पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए नशा तस्करी को नियंत्रित करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) को एंटी ड्रोन तकनीक उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एंटी ड्रोन तकनीक और जन सहयोग की मदद से सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशा तस्करी में उल्लेखनीय कमी आई है।
राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने राज्य के युवाओं से राज्य से नशे को पूरी तरह खत्म करने के लिए सरकार और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया। सीमावर्ती गांवों में पंचों, सरपंचों और ग्राम रक्षा समितियों के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश हमें गुप्त तरीकों से कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पाकिस्तान के दुर्भावनापूर्ण इरादे कभी सफल नहीं होंगे।
उन्होंने सीमावर्ती गांवों के लोगों से अपील की कि अगर उनके गांव में कोई नशे की लत से ग्रस्त है, तो वे उसका उचित इलाज सुनिश्चित करें और अगर कोई नशा बेच रहा है, तो वे पुलिस को सूचित करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता द्वारा दी गई कोई भी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पुलिस अपना काम कर रही है, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में ग्राम रक्षा समितियां यदि अधिक सतर्क रहें तो समाज के दुश्मनों की आसानी से पहचान कर सकती हैं।
राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने डिप्टी कमिश्नर श्री राहुल के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा नशा निवारण व अन्य कल्याणकारी गतिविधियों में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इससे पहले कार्यक्रम में पहुंचने पर तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर श्री राहुल ने राज्यपाल का स्वागत किया और विश्वास जताया कि प्रशासन राज्यपाल के निर्देशों को लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा, ताकि नशे को खत्म किया जा सके और शांति व सद्भावना कायम रखी जा सके।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन राज्यपाल के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अपने-अपने गांवों में बेहतरीन काम करने वाली ग्राम रक्षा समितियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।