हरियाणा की 143 तहसीलों व उप-तहसीलों में हरियाणा भूमि अभिलेख सूचना प्रणाली ’वैब हैलरिस‘ की गई है लागू- राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय
गांवों में संपत्तियों के विवादों को खत्म करने के लिए स्वामित्व योजना के तहत लाल डोरे के भीतर आने वाली सम्पत्तियों के मालिकों को दिया गया है मालिकाना हक
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चंडीगढ़ 07-Mar-2025
हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि प्रदेश के विकास का मार्ग गांवों की गलियों से होकर गुजरता है। सभी गांवों में संपत्तियों के सालों तक चलने वाले विवादों को खत्म करने के लिए स्वामित्व योजना के तहत लाल डोरे के भीतर आने वाली सम्पत्तियों के मालिकों को मालिकाना हक दिए गये हैं। सभी 143 तहसीलों व उप-तहसीलों में हरियाणा भूमि अभिलेख सूचना प्रणाली ’वैब हैलरिस‘ लागू की गई है।
राज्यपाल आज यहां हरियाणा विधानसभा में अपने बजट अभिभाषण के दौरान सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने पंचायतों की बागडोर पढ़े-लिखे हाथों में सौंपने के बाद, उन्हें कार्य और निधियां हस्तांतरित करके उनके सशक्तिकरण की दिशा में पहल की है। पंचायती राज संस्थाओं में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए सरपंचों को बिना टेंडर के 21 लाख रुपये तक के विकास कार्य करवाने के अधिकार दिये गये हैं।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, पंचायत समिति अध्यक्ष, पंचायत समिति उपाध्यक्ष, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच तथा पंच, सभी का मानदेय बढ़ाया गया है। पूर्व जिला परिषद अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, पूर्व पंचायत समिति अध्यक्षों, उपाध्यक्षों तथा पूर्व सरंपचों को पेंशन दी जा रही है।उन्होंने कहा कि गांवों में 20 वर्ष से अधिक समय से पंचायती भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के मकानों के मालिकों को उनका मालिकाना हक दिया गया है।
इसी तरह से शहरों की मूलभूत नागरिक सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2015 से लेकर अब तक 2,145 अवैध कॉलोनियां नियमित की गई हैं। महानगरों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार में महानगर विकास प्राधिकरणों का गठन किया गया है।