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सीजीसी लांडरां ने नेशनल साइंस डे 2025 के उपलक्ष्य पर प्रोजेक्ट एक्सिबिशन का आयोजन किया

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लांडरां 05-Mar-2025

चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेज (सीजीसी) लांडरां ने नेशनल साइंस डे बड़े उत्साह और बहुत सी रोचक गतिविधियों के साथ मनाया। कार्यक्रम के दौरान ‘रिसर्च फॉर पायनियर्स’ प्रोजेक्ट प्रदर्शनी में 250 से अधिक प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए। इन प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन विभिन्न क्षेत्रों के 21 प्रतिष्ठित जजों के पैनल द्वारा किया गया, जिसमें उनके नए और ख़ास आईडिया, एप्लीकेशन और प्रोफिसिएंसी ऑफ़ ऑपरेशन को देखते हुए परखा गया।

यह कार्यक्रम सीजीसी लांडरां के एप्लाइड साइंसेज डिपार्टमेंट द्वारा स्टूडेंट वेलफेयर डिपार्टमेंट और एसीआईसी राइज एसोसिएशन, सीजीसी लांडरां के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन समारोह के साथ हुई, जिसमें सीजीसी लांडरां के चेयरमैन सतनाम सिंह संधू, प्रेसिडेंट रशपाल सिंह ढालीवाल, चीफ गेस्ट डॉ. सुभाष चंदर एससी 'जी', टेक्नोलॉजी डायरेक्टर, टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (डीआरडीओ), चंडीगढ़ तथा गेस्ट ऑफ़ ऑनर डॉ. अमित एल. शर्मा, चीफ साइंटिस्ट, हेड, सेंट्रल एनालिटिकल इंस्ट्रूमेंट्स डसिलिटी डिवीज़न, प्रोफेसर, अकादमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च, सीएसआईआर-सीएसआईओ, चंडीगढ़ और श्री गुरिंदर सिंह सिद्धू, अनुभवी प्रोफेशनल और एंटरप्रेन्योर, लुधियाना, पंजाब के साथ-साथ सीजीसी लांडरां के डीन और डायरेक्टर्स भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. सुभाष चंदर ने भारत को एक तकनीकी सहायता प्रदान करने वाले देश से लेकर रिसर्च और इनोवेशन को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने वाले देश के रूप में हुए बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री ऑफिस की प्रमुख पहलों जैसे नेशनल रिसर्च फाउंडेशन, पीएम अर्ली करियर रिसर्च ग्रांट और वज्र इनिशिएटिव जैसी योजनाओं का उल्लेख किया, जो युवा रेसर्चर्स और शीर्ष फैकल्टी के लिए नए अवसर पैदा कर रही हैं और उन्हें महत्वपूर्ण अनुदान प्राप्त करने में सहायता कर रही हैं।

उन्होंने कहा, "एक साथ मिलकर काम करके, हम रिसर्च के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण छलांग लगा सकते हैं और साइंस एंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत के भविष्य को मजबूत बना सकते हैं।"सीजीसी लांडरां के चेयरमैन सतनाम सिंह संधू ने सभी प्रतिभागियों को प्रॉब्लम सॉल्विंग एप्रोच की दृष्टि को अपनाने और समाज से जुड़े मुद्दों के लिए इनोवेटिव और इफेक्टिव सोलूशन्स खोजने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। 

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस जैसे मंच सिद्धांत और सह-पाठयक्रम गतिविधियों का एक उत्तम समावेश हैं। सीजीसी लांडरां के एक्सपेरिएंस्ड व दक्ष फैकल्टी पर गर्व व्यक्त करते हुए, उन्होंने उन्हें पढ़ाने की ट्रेडिशनल पद्धतियों के साथ-साथ प्रैक्टिकल हैंड्स ऑन ट्रेनिंग को भी शामिल करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्होंने डीआरडीओ जैसी संस्थाओं से आग्रह किया कि वे सीजीसी लांडरां के विद्यार्थियों और फैकल्टी को मेंटॉरशिप, ट्रेनिंग और रिसर्च के अवसर प्रदान करें।

गेस्ट ऑफ़ ऑनर श्री अमित शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि रिसर्च करने वाले और इन्नोवेटर्स को बड़े पैमाने के प्रोजेक्ट्स पर काम करने के साथ-साथ नीड बेस्ड प्रोजेक्ट जैसे की ज़रुरी प्रोजेक्ट्स पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए बताया कि रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी आधारित एक प्रोजेक्ट के लिए उनकी टीम को ऑप्टिकल ग्रेड ग्लास जर्मनी से इम्पोर्ट करना पड़ा, क्योंकि भारत में अब तक इस गुणवत्ता का ग्लास तैयार करने की डोमेस्टिक टेक्नोलॉजी विकसित नहीं हो पाई है।

कार्यक्रम में प्रदर्शित कुछ दिलचस्प प्रोजेक्ट्स में शामिल थे फूलों के कचरे से बना इको-फ्रेंडली, केमिकल-फ्री, सुगंधित पेपर, जो वुड बेस्ड पेपर का एक सस्टेनेबल और बायोडिग्रेडेबल अल्टरनेटिव प्रदान करता है। एक दूसरे प्रोजेक्ट में भूकंप के लिए रीयल-टाइम अलर्ट सिस्टम पेश किया गया, जो भूकंप के हॉटस्पॉट्स की रीयल-टाइम मैपिंग करने और उसके बाद होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करेगा। 

इसके अलावा, एक प्रोजेक्ट ने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक शैक्षिक और शिक्षण टूल आधारित सॉफ्टवेयर प्रस्तुत किया, जो साइन लैंग्वेज तो वर्बल लैंग्वेज में ट्रांसलेट करने में सक्षम होगा। अन्य प्रोजेक्ट्स में चिकित्सीय मरीजों के लिए ऑटोमेटेड इंट्रावेनस (आइवी) ड्रिप प्रणाली, बोरवेल बचाव के लिए सेंसर आधारित रोबोटिक आर्म और वाहनों के लिए मुश्किल की पहचान प्रणाली शामिल थी, जो दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बहुत ज़रूरी है।

नेशनल साइंस डे पर आयोजित अन्य प्रतियोगिताओं में विज्ञान के महत्व और जनविश्वास को बढ़ावा देने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर आधारित ओरेटरी कॉन्टेक्स्ट शामिल था। इसके अलावा, साइ-क्वेस्ट - साइंस क्विज कम्पटीशन और साइ-स्ट्रोक - पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विज्ञान में जनविश्वास की थीम को दृश्य रूप से प्रस्तुत किया गया। 

पोस्टरों का मूल्यांकन उनकी क्रिएटिविटी, रेलेवंस और संदेश को प्रभावी ढंग से कम्यूनिकेट करने की क्षमता के आधार पर किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह से पहले आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने आयोजन में और भी उत्साह भर दिया।विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और सर्टिफिकेट्स देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का समापन सीजीसी लांडरां के एप्लाइड साइंसेज डिपार्टमेंट के हेड डॉ. हरपाल सिंह द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करने के साथ हुआ।