5 Dariya News

जावेद अहमद राणा ने बालाकोट में जनसंपर्क के साथ राजौरी-पुंछ दौरे का समापन किया

वर्षा जल संचयन तकनीकों और जल संसाधनों के संरक्षण पर व्यापक जागरूकता पर जोर दिया गया

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बालाकोट (पुंछ) 01-Mar-2025

जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने के अपने प्रयासों को जारी रखते हुए, मंत्री जावेद अहमद राणा ने अपनी जनपहंच गतिविधियों को बालाकोट में संपन्न किया और कई प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की जिन्होंने कुछ चिंताओं और मुद्दों को उठाया। शिविर में अतिरिक्त उपायुक्त पुंछ, ताहिर मुस्तफा मलिक, एसडीएम मेंढर और लाइन विभागों के विभिन्न जिला और क्षेत्रीय अधिकारियों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने भाग लिया।

शिविर के दौरान, मंत्री ने कई प्रतिनिधिमंडलों के साथ बातचीत की, जिन्होंने बालाकोट के लिए एक सरकारी डिग्री कॉलेज और गल्र्स हाई स्कूल की स्थापना, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का उन्नयन, स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे में वृद्धि, क्षेत्र के लिए आग और आपातकालीन वाहनों का प्रावधान, सड़क के बुनियादी ढांचे में सुधार, एक मॉडल आवासीय पूर्ण बोर्डिंग स्कूल की स्थापना, बिजली के बुनियादी ढांचे में सुधार, जनजातीय समुदायों के लिए कल्याण, खनेतर बसूनी योजना को समय पर पूरा करना, डब्ल्यूएसएस देवता सांग्याल, डब्ल्यूएसएस नालोई का उन्नयन और क्षेत्रों में पंप और अन्य विकासात्मक आवश्यकताओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला।

मंत्री ने प्रतिनिधिमंडलों को उनकी चिंताओं को समयबद्ध तरीके से हल करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। जावेद राणा पीर पंजाल क्षेत्र के पांच दिवसीय दौरे पर थे, जिसके दौरान उन्होंने लोगों की विकास संबंधी जरूरतों का आकलन करने के लिए मनकोट, मेंढर में सार्वजनिक शिविर आयोजित किए ताकि सरकारी नीतियों में इसे प्राथमिकता दी जा सके।

बालाकोट में लोगों को संबोधित करते हुए, राणा ने जीवन की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए, उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण पर जोर दिया। मंत्री राणा ने क्षेत्र के लिए कई विकास पहलों की भी घोषणा की, जिसमें बालाकोट में तहसील कार्यालय परिसर और डॉक्टरों के आवासीय क्वार्टरों के निर्माण के लिए 1 करोड़ का महत्वपूर्ण निवेश शामिल है। 

इसके अतिरिक्त, घिमबर गली में दो गेस्ट हाउस बनाने की योजना पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक सक्रिय कदम है। जनता को आश्वस्त करते हुए, मंत्री जावेद अहमद राणा ने कहा, “मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जनता के मुद्दों को उनके दरवाजे पर सुनने और हल करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिया है और हमारी सरकार लोगों के साथ किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।“

जावेद राणा ने कहा कि शिविर सरकार की पहल का हिस्सा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नागरिकों की आवाज सीधे सुनी जाए और उनकी चिंताओं का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा, “सामुदायिक जुड़ाव हमारे निर्णय लेने की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार करने में मदद करता है। 

यह सरकार को अधिक सूचित निर्णय लेने और स्थानीय समुदायों की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम बनाता है जो उनके लिए महत्वपूर्ण हैं।“ बालाकोट ब्लॉक और अन्य क्षेत्रों में असंबद्ध बस्तियों को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, राणा ने पात्र बस्तियों और मार्गों की पहचान करने के लिए प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए सर्वेक्षण करने का आह्वान किया।

उन्होंने हाई स्कूल बालाकोट में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने के भी निर्देश संबंधितों को दिये। मंत्री ने ब्लॉक में जल शक्ति विभाग और बिजली विकास विभाग के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किए और अधिकारियों से मिलकर काम करने का आग्रह किया ताकि सभी कार्य समय पर पूरे हो सकें।

मंत्री के प्रयास उनकी पिछली प्रतिबद्धताओं के अनुरूप हैं, जहां उन्होंने सार्वजनिक शिकायतों के त्वरित निवारण का आश्वासन दिया था और प्रतिनिधिमंडलों से अपने समुदायों के समग्र कल्याण के लिए मुद्दों को पेश करना जारी रखने का आग्रह किया था।

मंत्री ने वर्षा जल संचयन तकनीकों पर तत्काल कार्रवाई का भी आह्वान किया और कहा कि इस महत्वपूर्ण संसाधन की सुरक्षा और संरक्षण के लिए लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “जलवायु परिवर्तन के साथ पानी की कमी का लोगों के जीवन पर भारी प्रभाव पड़ रहा है। 

जल स्तर तेजी से घट रहा है और जल संसाधन भी सूख रहे हैं। हमें अपनी भावी पीढ़ियों के लिए तेजी से और सामूहिक रूप से कार्य करने की जरूरत है।“ उन्होंने कहा कि यह सक्रिय दृष्टिकोण टिकाऊ संसाधन प्रबंधन का मार्ग प्रशस्त करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि पानी की कमी के मुद्दों का समाधान हो और कृषि उत्पादकता बनी रहे।

जनपहंुच पहल के हिस्से के रूप में, मंत्री राणा ने “एक पेड़ माँ के नाम“ थीम के तहत जम्मू-कश्मीर वन विभाग द्वारा आयोजित वृक्षारोपण और जागरूकता अभियान में भी भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य वनीकरण प्रयासों में सामुदायिक भागीदारी और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है।