पंजाबी गायक बब्बू मान ने पारस हेल्थ के 'उम्मीद के सितारे' कैंसर जागरूकता अभियान का समर्थन किया
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पंचकूला 25-Feb-2025
पारस हेल्थ, पंचकूला ने अपने महीने भर चलने वाले अभियान ‘उम्मीद के सितारे’ के तहत कैंसर जागरूकता और स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 150 से ज़्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा कार्यक्रम में मशहूर पंजाबी गायक बब्बू मान के साथ-साथ कई प्रतिष्ठित मेडिकल एक्सपर्ट्स भी शामिल हुए। कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों ने अभियान को अपना समर्थन दिया और लोगों को बीमारी की जल्दी पहचान को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया। डा. (ब्रिगेडियर) अजय शर्मा, डॉ. (ब्रिगेडियर) राजेश्वर सिंह और डॉ. नवीन कांडा सहित कई प्रमुख ऑन्कोलॉजिस्ट ने सबसे ज्यादा होने वाले कैंसर, जोखिम फैक्टर्स और शुरुआती डायग्नोसिस जैसे महत्वपूर्ण भूमिकाओं पर चर्चा की।
इस अभियान में निःशुल्क हेल्थ चेकअप और एक्सपर्ट सलाह दी गई, ताकि समय रहते कैंसर का पता लगाया जा सके। इसके अलावा कैंसर सर्वाइवर ने अपनी प्रेरक कहानियाँ साझा कीं। इस कार्यक्रम में मुफ्त जांच में मैमोग्राफी, कम कीमत पर पीएसए टेस्ट और अन्य लैब तथा रेडियोलॉजी टेस्ट शामिल थे। भारत में कैंसर के केस तेज़ी से बढ़ रहे हैं। ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है, इसके बाद सर्वाइकल कैंसर है। सर्वाइकल कैंसर को सही सावधानियों से काफी हद तक रोका जा सकता है। तंबाकू के सेवन और धूम्रपान के कारण मुंह और फेफड़ों के कैंसर बहुत ज्यादा फ़ैल रहे हैं।
दुर्भाग्य से कई केसों का डायग्नोसिस देर से होता है क्योंकि लोग डर या कलंक के कारण डॉक्टर से कंसल्ट करने में संकोच करते हैं। नियमित जांच और जागरूकता कैंसर का जल्द पता लगाने, इलाज के परिणामों को बेहतर बनाने और जीवन बचाने में मदद कर सकती है।
हीमेटो-ऑन्कोलॉजी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट के डायरेक्टर डॉ. अजय शर्मा ने जोर देकर कहा कि कैंसर का जल्द पता लगने से इलाज के सफल होने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से कई लोग बहुत देर से डॉक्टर की मदद लेते हैं। इस वजह से उनके इलाज में मुश्किलें आती है। सभी को लक्षणों पर नज़र रखने के लिए अपने स्वास्थ्य की निगरानी करनी चाहिए और कॉम्प्लिकेशन को ख़त्म करने के लिए नियमित जांच करवानी चाहिए।"
मेडिकल ऑन्कोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. (ब्रिगेडियर) राजेश्वर सिंह ने कहा, "कैंसर का इलाज अब लगभग संभव हो चुका है, यह अब लाइलाज बीमारी नही रह गयी है। मेडिकल सेक्टर में हुए अविष्कारों ने समय पर कैंसर का पता लगाने और इलाज को और ज्यादा प्रभावी बना दिया है, लेकिन जागरूकता और नियमित जांच अभी भी कैंसर को रोकने के सबसे असरदार तरीके हैं। पारस हेल्थ द्वारा 'उम्मीद के सितारे' जैसी पहल जागरूकता फैलाने और लोगों को समय पर जांच करवाने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद करती है। यह अब पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि भारत में कैंसर के केस 2022 में अनुमानित 1,461,427 से बढ़कर 2023 में 1,496,972 हो गए थे। इस तरह के आंकड़ों को देखकर कैंसर का जल्दी पता लगाने और रोकथाम करने की तत्काल आवश्यकता है।"
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. नवीन कांडा ने कहा, "कैंसर को रोकना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि इसका इलाज करना। सरल लाइफस्टाइल जैसे तंबाकू से परहेज करने, स्वस्थ भोजन करने, शारीरिक रूप से सक्रिय रहने और नियमित जांच करवाने से कैंसर के खतरे से बचा जा सकता है। हालांकि कई लोग डर या जानकारी की कमी के कारण जांच में देरी करते हैं। जागरूकता अभियान संदेह को दूर करके और लोगों को जल्दी कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करके मदद करते हैं। भारत में कैंसर के केस 2030 तक प्रति वर्ष 1.7 मिलियन को पार करने की उम्मीद है। इस वजह से रोकथाम पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गयी है।"
इस कार्यक्रम में कैंसर सर्वाइवर ने भी अपनी कहानियाँ साझा कीं। इन कहानियों ने वर्तमान में इलाज करवा रहे लोगों को प्रेरित किया है। उनके अनुभवों ने अभियान के शक्ति और आशा के संदेश को दर्शाया है।
बब्बू मान ने कार्यक्रम में ऑन्कोलॉजिस्ट और कैंसर सर्वाइवर से बातचीत की। उन्होंने उन्हें प्रोत्साहित किया और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि अच्छी सेहत का होना हमारे पास सबसे बड़ा गिफ्ट होता है, और हमें इसका ध्यान रखना चाहिए। कैंसर से डरने की कोई बात नहीं है। कैंसर का इलाज जागरूकता और शुरुआती कार्रवाई के साथ लड़ने की प्रक्रिया होती है।
इस कार्यक्रम में पारस हेल्थ के जागरूकता फैलाने और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के समर्पण को दर्शाया गया। कई शहरों में अपनी उपस्थिति के साथ पारस हेल्थ ऑन्कोलॉजी केयर और समुदाय-केंद्रित स्वास्थ्य पहलों में सबसे आगे है।